Shiv Shakti Inter Globe Exports (SSIEL) ने अपनी बासमती राइस प्रोसेसिंग क्षमता में **20%** का इजाफा करने का फैसला लिया है। कंपनी अब बल्क एक्सपोर्ट के बजाय हाई-वैल्यू ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस करेगी ताकि मार्जिन को बेहतर बनाया जा सके।
बड़े बदलाव की तैयारी
Shiv Shakti Inter Globe Exports (SSIEL) हरियाणा में अपने ऑपरेशंस को बड़ा विस्तार दे रही है। कंपनी ने अपनी प्रोसेसिंग कैपेसिटी को 20% बढ़ाने की घोषणा की है। यह कदम कंपनी की नई बिजनेस स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत वे अब प्रतिस्पर्धी बल्क कमोडिटी मार्केट से निकलकर प्रीमियम और ब्रांडेड राइस सेगमेंट में अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहे हैं। इस विस्तार के लिए कंपनी ने निस्सिंग (Nissing) स्थित अपनी फैसिलिटीज में एडवांस सॉर्टिंग टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट किया है, जो इंटरनेशनल मार्केट की क्वालिटी और ट्रेसेबिलिटी की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होगा।
रिस्क और चुनौतियां
जहां यह कंपनी अपने एग्रीबिजनेस को मजबूत कर रही है, वहीं SSIEL Hotels and Infrastructure के जरिए कंपनी लग्जरी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी सक्रिय है। यह डायवर्सिफिकेशन रिस्क को बांटने में मदद करता है। हालांकि, प्रीमियम मार्केट में शिफ्ट होने के अपने जोखिम भी हैं:
- रेगुलेटरी चुनौतियां: पेस्टिसाइड रेजिड्यू (Pesticide residue) के सख्त इंटरनेशनल नियमों के चलते एक्सपोर्ट पर असर पड़ने का डर बना रहता है।
- कच्चे माल की अनिश्चितता: पैडी (Paddy) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फसल चक्र पर निर्भरता के कारण प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर रखना एक बड़ी चुनौती है।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने इस नए ब्रांडेड राइस पोर्टफोलियो को वैश्विक बाजारों में कितनी कुशलता से उतार पाती है और सख्त खाद्य सुरक्षा मानकों के बीच एक्सपोर्ट वॉल्यूम को कैसे मैनेज करती है।
