सरकार ने PM-KISAN योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के **2.2 करोड़** से ज्यादा किसानों को **₹4,352 करोड़** की सीधी मदद (DBT) दी गई है, ताकि खेती के खर्चों में राहत मिल सके।
केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN) की 23वीं किस्त जारी कर दी है। देशभर में लगभग 9.44 करोड़ पात्र किसानों के बैंक खातों में कुल ₹18,880 करोड़ से ज्यादा की राशि भेजी गई है।
योजना का विस्तार
वर्ष 2019 में शुरू हुई यह स्कीम पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को साल भर में ₹6,000 की राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में दी जाती है। सरकार ने इस योजना को 2030-31 फाइनेंशियल ईयर तक बढ़ा दिया है, जिसके लिए ₹3.15 लाख करोड़ का बड़ा बजट आवंटित किया गया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
यह स्कीम सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी (Liquidity) बढ़ाती है। इससे किसानों को बीज, खाद और अन्य खेती के इनपुट्स खरीदने में मदद मिलती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस तरह के ट्रांसफर का असर ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों और एग्री-इनपुट फर्मों की डिमांड पर भी पड़ता है। हालांकि, यह राशि खेती की कुल लागत को पूरा करने के लिए एक 'कुशन' की तरह है, न कि पूरी सब्सिडी।
चुनौतियां और रिस्क
योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सरकार ने आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट, ई-केवाईसी (e-KYC) और लैंड रिकॉर्ड्स वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी के कारण कई बार किसानों को पेमेंट में देरी का सामना करना पड़ता है। योजना शुरू होने से अब तक सरकार कुल ₹4.46 लाख करोड़ से अधिक का ट्रांसफर कर चुकी है, जिसे जारी रखना सरकारी खजाने के लिए एक निरंतर राजकोषीय चुनौती भी है।
