Cyclone Arnab ने Odisha में तबाही मचाते हुए **75,388 हेक्टेयर** कृषि भूमि को नष्ट कर दिया है, जिससे **1.18 लाख** से अधिक लोग गंभीर आर्थिक संकट में हैं। धान और सब्जियों की फसल बर्बाद होने से किसान कर्ज के जाल में फंस गए हैं, और अब आने वाला Cyclone Murasu नई अनिश्चितता पैदा कर रहा है।
कृषि को भारी नुकसान और वित्तीय तंगी
Odisha के दक्षिणी जिले वर्तमान में Cyclone Arnab की आर्थिक मार झेल रहे हैं, जिसने 28 अक्टूबर, 2026 को राज्य को अपनी चपेट में लिया था। इस आपदा ने गंजम, गजपति, कंधमाल और कोरापुट जैसे जिलों में भारी नुकसान पहुँचाया है। धान और सब्जियों की फसलों के नष्ट होने से किसानों की पूरी सीजन की कमाई खत्म हो गई है, जिससे वे कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं। गंजम जिले से सामने आई आत्महत्या की रिपोर्ट्स ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की भेद्यता को उजागर कर दिया है। जानकारों का मानना है कि कृषि उत्पादन घटने से स्थानीय स्तर पर खाने-पीने की चीजों की कीमतों में महंगाई देखने को मिल सकती है।
सरकारी राहत और आने वाला खतरा
राज्य सरकार ने नुकसान की भरपाई के लिए एक राहत पैकेज का ऐलान किया है, जिसमें प्रत्येक परिवार को 50 किलो चावल और ₹2,500 की नकद सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, इनपुट सब्सिडी भी दी जा रही है:
- वर्षा-आधारित भूमि के लिए: ₹8,500 प्रति हेक्टेयर
- सिंचित भूमि के लिए: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर
- बारहमासी फसलों के लिए: ₹22,500 प्रति हेक्टेयर
2 नवंबर, 2026 को एक केंद्रीय अंतर-मंत्रालयी समिति ने नुकसान का जायजा लिया है, जिससे अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की उम्मीद है। हालांकि, राज्य अब 'डबल व्हैमी' के खतरे का सामना कर रहा है क्योंकि Cyclone Murasu के आने की संभावना है। यह नया चक्रवात न केवल बिजली और संचार व्यवस्था को और खराब कर सकता है, बल्कि राहत कार्यों में भी बड़ी बाधा बन सकता है।
