ONO की डायरेक्ट लेंडिंग पावर बढ़ी
Agri-finance के क्षेत्र में काम कर रही इनोवेटर कंपनी ONO ने 1.2 मिलियन डॉलर का प्री-सीरीज़ A फंडिंग राउंड पूरा कर लिया है। इस निवेश का नेतृत्व Aeravti Ventures ने किया, जिसमें Tremis Capital और कुछ एंजल इन्वेस्टर्स भी शामिल थे। यह फंड जुटाने का कदम ONO की एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) में हिस्सेदारी खरीदने के ठीक बाद आया है। इस रणनीतिक कदम से कंपनी की डायरेक्ट लेंडिंग की क्षमता में ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे अब वह सीधे तौर पर भारत के पोस्ट-हार्वेस्ट कृषि छोटे और मध्यम व्यवसायों को कर्ज़ दे पाएगी। इस तरह, ONO सिर्फ एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म से आगे बढ़कर डायरेक्ट लेंडर के रूप में स्थापित हो गई है।
AI प्लेटफॉर्म संभालेगा रिस्क, NPA रेशियो सिर्फ़ 0.05%
ONO की मुख्य ताकत उसका डेटा और AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत की पोस्ट-हार्वेस्ट एग्री सप्लाई चेन में स्ट्रक्चर और ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह टेक्नोलॉजी रियल-टाइम मार्केट डेटा, प्राइसिंग, लॉजिस्टिक्स और वॉल्यूम की जानकारी प्रदान करती है। कंपनी अब तक ₹100 करोड़ से ज़्यादा के को-लेंडिंग को फैसिलिटेट कर चुकी है। ONO की सबसे बड़ी उपलब्धि उसका नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) रेशियो है, जो महज़ 0.05% पर बना हुआ है। यह आंकड़ा भारत में कृषि कर्ज़ के सामान्य NPA रेशियो, जो अक्सर 5% से 10% या उससे ज़्यादा होता है, की तुलना में काफी कम है। यह ONO की डेटा-ड्रिवन रिस्क असेसमेंट की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
बढ़ते Agri-Fintech मार्केट में ONO की खास पहचान
भारत का Agri-fintech स्पेस तेज़ी से विकसित हो रहा है, जिसमें DeHaat, AgNext और Farmsetu जैसे प्लेटफॉर्म भी सक्रिय हैं। हालांकि, ONO का NBFC क्षमताओं के साथ जुड़कर पोस्ट-हार्वेस्ट सेगमेंट में डायरेक्ट लेंडिंग पर फोकस करना इसे एक अलग मार्केट पोजिशन देता है। किसानों और एग्री-ट्रेडर्स के लिए स्ट्रक्चर्ड डेटा, भरोसेमंद बायर-सेलर नेटवर्क और फॉर्मल क्रेडिट की एक्सेसिबिलिटी में अभी भी कमियां हैं। ONO का प्लेटफॉर्म तेज़ पेमेंट, बेहतर मूल्य प्राप्ति और कम ट्रांज़ैक्शन रिस्क को इनेबल करके इन गैप्स को भरने का लक्ष्य रखता है। यह इंटीग्रेटेड अप्रोच एक बड़े सीरीज़ A फंडिंग राउंड से पहले एक महत्वपूर्ण डिफ्रेंशिएटर साबित होने की उम्मीद है।
भविष्य की ग्रोथ के लिए पहुंच का विस्तार
ONO वर्तमान में 12 राज्यों और 125 से ज़्यादा जिलों में ऑपरेट कर रही है, जहाँ वह 1.3 लाख से ज़्यादा पार्टिसिपेंट्स को सेवाएं दे रही है। कंपनी ₹200 करोड़ से ज़्यादा के बेनिफिशियरी पेआउट और 25,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा उत्पाद की हैंडलिंग कर चुकी है। हालिया प्री-सीरीज़ A फंडिंग और NBFC अधिग्रहण, एक बड़े सीरीज़ A रेज़ की ओर अहम कदम हैं। यह फंड देश भर में अपनी लेंडिंग और मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर को स्केल करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का फोकस अपनी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके मार्केट एक्सेस को बेहतर बनाने और इनएफिशिएंसीज़ को कम करने पर बना हुआ है, ताकि भारत के कृषि वित्त क्षेत्र में फिनटेक सॉल्यूशंस की मांग को पूरा किया जा सके।