Nutrifresh Revenue: एग्रीटेक स्टार्टअप Nutrifresh का रेवेन्यू **51%** बढ़ा, FY27 में **₹400 करोड़** का लक्ष्य

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AuthorAditya Rao|Published at:
Nutrifresh Revenue: एग्रीटेक स्टार्टअप Nutrifresh का रेवेन्यू **51%** बढ़ा, FY27 में **₹400 करोड़** का लक्ष्य

एग्रीटेक क्षेत्र की कंपनी Nutrifresh ने शानदार प्रदर्शन करते हुए FY26 में **₹219.3 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है। कंपनी अब **₹90 करोड़** की नई फंडिंग के साथ पुणे में अपने विस्तार और दक्षिण भारतीय बाजारों में पैठ बनाने की तैयारी कर रही है।

आक्रामक विस्तार की तैयारी

Nutrifresh ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए 51% की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। अपनी इस रफ्तार को कायम रखते हुए कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए ₹400 करोड़ का बड़ा लक्ष्य तय किया है। इस ग्रोथ को गति देने के लिए अमेरिकी संस्था U.S. International Development Finance Corporation (DFC) से ₹90 करोड़ की फंडिंग जुटाई गई है, जिसका इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड करने में किया जाएगा।

ऑपरेशनल मॉडल और पुणे में विस्तार

कंपनी अपने मौजूदा 83 एकड़ के बेस को और मजबूत करते हुए पुणे के पास 105 एकड़ अतिरिक्त जमीन विकसित कर रही है। खास बात यह है कि कंपनी 'एसेट-लाइट' मॉडल पर काम कर रही है, जिसके तहत स्वतंत्र किसानों के साथ मिलकर जॉइंट फार्मिंग की जा रही है। इससे बड़े निवेश (Capex) से बचा जा सकेगा, हालांकि इतने बड़े नेटवर्क पर क्वालिटी कंट्रोल बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी।

क्विक-कॉमर्स पर निर्भरता का जोखिम

Nutrifresh के बड़े क्लाइंट्स में Zepto, Swiggy, Flipkart Minutes और Reliance Fresh जैसे दिग्गज शामिल हैं। हालांकि ये प्लेटफॉर्म्स डिमांड के लिए बेहतरीन हैं, लेकिन इन पर अत्यधिक निर्भरता एक तरह का 'कंसंट्रेशन रिस्क' पैदा करती है। अगर इन प्लेटफॉर्म्स की डिमांड में बदलाव आता है या प्रोक्योरमेंट टर्म्स बदलते हैं, तो सीधे तौर पर रेवेन्यू प्रभावित हो सकता है।

ग्लोबल मार्केट की ओर कदम

कंपनी सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है। अब यह दक्षिणी भारत में अपने 'अर्बन-प्रॉक्सिमिटी' मॉडल (शहरों के पास फार्मिंग) को दोहराने की योजना बना रही है। इसके साथ ही, UAE, सिंगापुर और मालदीव जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मौजूदगी कंपनी के कस्टमर बेस को डायवर्सिफाई करने की रणनीति को दर्शाती है।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

एग्रीटेक में रुचि रखने वाले निवेशकों को यह देखना होगा कि नई भौगोलिक स्थितियों में कंपनी अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है। क्या क्विक-कॉमर्स की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपने मुनाफे को बचा पाएगी? पुणे प्रोजेक्ट की सफलता और FY27 का रेवेन्यू टारगेट ही कंपनी की आगे की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.