NHC Foods ने लाइबेरिया के मोनरोविया इंडस्ट्रियल फ्री ज़ोन में फ्रूट जूस और फूड प्रोसेसिंग यूनिट बनाने के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया है। इस कदम से कंपनी वेस्ट अफ्रीका में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
अफ्रीका में पैर पसार रही कंपनी
NHC Foods ने लाइबेरिया स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन डेवलपमेंट कंपनी के साथ एक बाइंडिंग एग्रीमेंट किया है। इसके तहत कंपनी लाइबेरिया के बुशरोड आइलैंड पर 1,590 वर्ग मीटर में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तैयार करेगी। इस हब के जरिए कंपनी भारतीय उत्पादों को सीधे अफ्रीकी बाजारों से जोड़ने का लक्ष्य रख रही है। मोनरोविया के फ्रीपोर्ट का इस्तेमाल कंपनी अटलांटिक शिपिंग रूट्स तक अपनी पहुंच बेहतर बनाने के लिए करेगी, जिससे एक्सपोर्ट की लॉजिस्टिक चुनौतियों को कम किया जा सके। फाइनल सब-लीज एग्रीमेंट पर 90 दिनों के भीतर काम पूरा होने की उम्मीद है।
फाइनेंशियल हेल्थ और पूंजी जुटाने की योजना
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में ₹370.13 करोड़ का रेवेन्यू और ₹16 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया है। वहीं, अगस्त 2026 के अंत में बोर्ड ने ₹53.76 करोड़ के कन्वर्टिबल वारंट्स जारी करने की मंजूरी दी थी। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि वारंट्स को इक्विटी में बदलने पर शेयरहोल्डिंग लेवल पर क्या असर पड़ेगा।
स्टॉक का हाल और जोखिम
11 सितंबर, 2026 को NHC Foods का शेयर ₹2.02 पर ट्रेड कर रहा था, जिसमें 4.72% की गिरावट देखी गई। एग्री-कमोडिटी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा अधिक है और मार्जिन अक्सर कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा, विदेशी जमीन पर प्रोजेक्ट शुरू करने में रेगुलेटरी बाधाएं और ग्लोबल मैरीटाइम ट्रेड में रुकावटें कंपनी के लिए बड़ी चुनौतियां हो सकती हैं। निवेशकों को आने वाले समय में अंतिम सब-लीज एग्रीमेंट और कैपिटल स्पेंडिंग पर अपडेट का इंतजार करना चाहिए।
