खाएं कम, बचाएं ज़्यादा! PM मोदी की एडिबल ऑयल पर बड़ी अपील, देश को होगा बड़ा फायदा

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
खाएं कम, बचाएं ज़्यादा! PM मोदी की एडिबल ऑयल पर बड़ी अपील, देश को होगा बड़ा फायदा
Overview

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से खाने के तेल (Edible Oil) के इस्तेमाल में कटौती करने की एक बड़ी अपील की है। इसका मकसद देश के इम्पोर्ट बिल को कम करना और कीमती फॉरन एक्सचेंज (Forex) को बचाना है।

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क्या है PM मोदी की अपील का मतलब?

प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी का यह आह्वान सॉलिड सपोर्ट हासिल कर रहा है। द सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स' एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) ने भी इस अपील को भारत की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद ज़रूरी बताया है। खासकर तब, जब ग्लोबल अनिश्चितताएं लगातार बढ़ रही हैं।

भारत अपनी एडिबल ऑयल की ज़रूरतों का करीब 60% तक इम्पोर्ट करता है। पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में इस इम्पोर्ट पर देश को लगभग ₹1.61 लाख करोड़ खर्च करने पड़े। SEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बी.वी. मेहता का कहना है कि इम्पोर्ट पर यह भारी निर्भरता हमें कई जोखिमों में डालती है। इनमें बदलते मौसम के पैटर्न, बायोफ्यूल जैसे कि बायोडीज़ल की बढ़ती मांग और बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन शामिल हैं।

पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष जैसी घटनाएं इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि बाहरी हालात कैसे तुरंत भारत को प्रभावित कर सकते हैं। शिपिंग लागत का बढ़ना, एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, करेंसी में अस्थिरता और मार्केट सेंटिमेंट में गिरावट, ये सभी सीधे तौर पर एडिबल ऑयल की कीमतों और भारत के इम्पोर्ट बिल को बढ़ाते हैं। मेहता ने यह भी बताया कि अल नीनो जैसे ग्लोबल मौसम के इवेंट्स भी एग्रीकल्चरल आउटपुट के लिए खतरा पैदा करते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय एडिबल ऑयल की कीमतें स्वाभाविक रूप से अस्थिर रहती हैं।

भविष्य की स्थिरता के लिए एक स्ट्रैटेजी

इंडोनेशिया और मलेशिया (पाम ऑयल के लिए) या अर्जेंटीना और ब्राजील (सोयाबीन ऑयल के लिए) जैसे प्रमुख एडिबल ऑयल उत्पादक देशों में किसी भी तरह की रुकावट भारत में महंगाई को तुरंत बढ़ा सकती है। SEA का मानना है कि आज इस्तेमाल को मैनेज करना, 'कल बड़े प्राइस शॉक से बचने' की एक समझदारी भरी स्ट्रैटेजी है। यह इकोनॉमी को मैनेज करने का एक प्रो-एक्टिव तरीका है, जिसका मतलब है कि भविष्य के संकट से बचने के लिए वर्तमान में संयम बरतना बेहतर है।

यह अपील भारत के बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य 'आत्मनिर्भर भारत' से भी मेल खाती है। डोमेस्टिक ऑयलसीड प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कंजम्पशन की आदतों को संतुलित करके, भारत ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता से अपने एक्सपोजर को कम करने और अपने फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व को सुरक्षित करने का लक्ष्य रखता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.