Mitti Labs ने जुटाए ₹78 करोड़, अब AI से करेंगे खेती और बनाएंगे कार्बन क्रेडिट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mitti Labs ने जुटाए ₹78 करोड़, अब AI से करेंगे खेती और बनाएंगे कार्बन क्रेडिट

जलवायु प्रौद्योगिकी (Climatetech) फर्म Mitti Labs ने सीरीज A फंडिंग में $9.5 मिलियन (लगभग ₹78 करोड़) जुटाए हैं। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने AI-संचालित चावल की खेती (Rice Farming) प्रोजेक्ट्स को बढ़ाने के लिए करेगी। Mitti Labs मीथेन उत्सर्जन (Methane Emission) को कम करके कार्बन क्रेडिट बनाती है और अब भारत, इंडोनेशिया और फिलीपींस में अपना कारोबार फैलाएगी।

Mitti Labs की बड़ी छलांग: $9.5 मिलियन की फंडिंग!

बेंगलुरु की जलवायु प्रौद्योगिकी (Climatetech) कंपनी Mitti Labs ने अपनी सीरीज A फंडिंग में $9.5 मिलियन (लगभग ₹78 करोड़) की बड़ी रकम जुटाई है। इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Aramco Ventures ने किया है। यह कंपनी चावल की खेती को जलवायु-स्मार्ट बनाने पर काम करती है और इस पैसे का इस्तेमाल भारत में अपने ऑपरेशन्स को और बढ़ाने के साथ-साथ फिलीपींस और इंडोनेशिया में नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए करेगी।

इस ताज़ा राउंड के साथ, Mitti Labs की कुल फंडिंग अब $12.5 मिलियन (लगभग ₹103 करोड़) तक पहुंच गई है। कंपनी को Lightspeed India, Godrej Industries Group, Cisco Foundation और अन्य निवेशकों का भी साथ मिला है।

AI और AWD तकनीक से खेती में क्रांति!

Mitti Labs का मुख्य बिजनेस मॉडल एक GeoAI प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह प्लेटफॉर्म किसानों को 'Alternate Wetting and Drying' (AWD) जैसी तकनीकों को अपनाने में मदद करता है। पारंपरिक चावल की खेती में खेत लगातार पानी से भरे रहते हैं, लेकिन AWD तकनीक में खेतों को दोबारा पानी देने से पहले थोड़ा सूखने दिया जाता है। कंपनी का कहना है कि इस तरीके से पानी की बचत होती है और मीथेन उत्सर्जन (Methane Emission) भी काफी हद तक कम हो जाता है।

यह स्टार्टअप सैटेलाइट से मिली सिंथेटिक एपर्चर रडार (SAR) इमेजरी को ज़मीनी डेटा के साथ जोड़कर चावल के खेतों का एक 'डिजिटल ट्विन' बनाता है। इससे इन उत्सर्जन में आई कमी की सटीक निगरानी की जा सकती है।

कार्बन क्रेडिट का खेल: कमाई का अनोखा तरीका!

एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी (Agri-Tech) स्पेस में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों के लिए, Mitti Labs के बिजनेस का असली मूल्य कार्बन क्रेडिट (Carbon Credits) बनाने में है। कंपनी किसानों द्वारा मीथेन उत्सर्जन में की गई कमी को सत्यापित करती है और उसे कार्बन क्रेडिट में बदल देती है, जिन्हें बाद में कार्बन मार्केट्स में बेचा जाता है। जून 2026 में, कंपनी ने Gold Standard registry के तहत अपने पहले कार्बन क्रेडिट जारी किए थे। इस मॉडल में, कंपनी की कमाई सीधे तौर पर उसकी सस्टेनेबिलिटी प्रोग्राम्स की सफलता से जुड़ी है।

जोखिम और चुनौतियाँ: क्या है सबसे बड़ा खतरा?

हालांकि, Mitti Labs के सामने कुछ बड़ी ऑपरेशनल और वित्तीय चुनौतियाँ भी हैं। सबसे बड़ा जोखिम कार्बन क्रेडिट मार्केट पर इसकी निर्भरता है। कार्बन क्रेडिट की कीमतें काफी अस्थिर हो सकती हैं, और वैश्विक जलवायु नीतियों में बदलाव से इनकी मांग और कीमत पर असर पड़ सकता है, जिससे कंपनी के रेवेन्यू में अनिश्चितता आ सकती है।

इसके अलावा, फिलीपींस और इंडोनेशिया जैसे देशों में टेक्नोलॉजी-संचालित खेती के तरीकों को बड़े पैमाने पर लागू करने में भी महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) शामिल है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके फील्ड एजेंट्स और AI मॉडल विभिन्न मिट्टी की स्थितियों और खेती के तरीकों के अनुकूल हो सकें, बिना फसल की पैदावार को नुकसान पहुंचाए।

एक प्राइवेट कंपनी होने के नाते, Mitti Labs सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनी की तरह वित्तीय पारदर्शिता या लिक्विडिटी (Liquidity) प्रदान नहीं करती है। इसकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कितनी सटीकता से निगरानी बनाए रखती है, अपने कार्बन क्रेडिट के लिए विश्वसनीय खरीदार ढूंढ पाती है, और कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में संचालन की लॉजिस्टिक चुनौतियों का सफलतापूर्वक प्रबंधन कर पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.