महाराष्ट्र सरकार ने 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना' के तहत ₹36,585 करोड़ के किसान कर्ज माफी का वितरण शुरू कर दिया है। पहले चरण में 533 किसानों की सूची जारी की गई है। राज्य सरकार करीब 56 लाख किसान परिवारों को ₹2 लाख तक की कर्ज राहत डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर के ज़रिए देगी।
Detailed Coverage
कैसे होगा किसानों को लाभ?
महाराष्ट्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी कृषि ऋण माफी योजना, 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना', अब वितरण के लिए तैयार है। इस योजना के लिए कुल ₹36,585 करोड़ का बजट रखा गया है, जिससे लगभग 56 लाख योग्य किसान परिवारों को वित्तीय राहत पहुंचाने का लक्ष्य है। शुरुआत के तौर पर, सात जिलों के 533 लाभार्थियों की पहली सूची जारी कर दी गई है, जिसके बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
डिजिटल प्रक्रिया और सत्यापन
पारदर्शिता और तेजी सुनिश्चित करने के लिए, सरकार MahaIT द्वारा प्रबंधित एक विशेष पोर्टल का उपयोग कर रही है। यह सिस्टम 53 विभिन्न वित्तीय संस्थानों से डेटा को एकीकृत करता है, जिसमें 30 डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (DCCBs), 12 राष्ट्रीयकृत बैंक और कई प्राइवेट बैंक शामिल हैं। योग्य किसानों को उनके आधार सत्यापन के लिए SMS अलर्ट भेजे जा रहे हैं। सत्यापन के बाद, कर्ज माफी की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम के ज़रिए सीधे उनके लोन खातों में जमा की जाएगी। किसान 'आपले सरकार सेवा केंद्रां' पर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं और सत्यापन करवा सकते हैं।
कौन हैं पात्र और कौन बाहर?
इस योजना में कुछ पात्रता शर्तें रखी गई हैं। हालिया संशोधनों के तहत, 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज माफी योजना के तहत कवर किए गए किसान भी अब ₹2 लाख तक की कर्ज माफी के लिए पात्र होंगे। साथ ही, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में अपना लोन चुकाया है, उन्हें भी योजना का लाभ मिलेगा। हालांकि, कुछ लोगों को इस योजना से बाहर रखा गया है, जैसे कि वर्तमान और पूर्व सांसद, विधायक, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सरकारी कर्मचारी, गैर-कृषि आय वाले आयकर दाता और सहकारी बैंक अधिकारी।
समय-सीमा और अगले कदम
सरकार ने योजना को तेज़ी से लागू करने की समय-सीमा तय की है। DCCB से जुड़े कर्ज़दारों के लिए यह प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद, कमर्शियल बैंकों में लोन लेने वाले किसानों के लिए वितरण चरण शुरू होगा। लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत कार्यालयों, सहकारी समितियों और बैंक शाखाओं में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। आने वाले हफ्तों में, आधार सत्यापन की गति और 31 जुलाई की समय-सीमा के करीब आते ही सहकारी बैंकों से कमर्शियल बैंकों के लाभार्थियों में परिवर्तन पर नज़र रखी जाएगी।
