मध्य प्रदेश ने साल 2026 के समर मूंग प्रोक्योरमेंट सीजन को ऐतिहासिक सफलता के साथ पूरा कर लिया है। सरकार ने राज्य से रिकॉर्ड **5.33 लाख टन** मूंग की खरीद की है, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सीधा फायदा मिला है।
ऐतिहासिक खरीद के आंकड़े
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सफल अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य ने निर्धारित 5,39,072 टन की क्षमता का अधिकांश हिस्सा उपयोग कर लिया है। इस कदम से किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बड़ी सुरक्षा मिली है।
कैसे काम की यह स्कीम?
यह खरीद केंद्र सरकार की 'प्राइस सपोर्ट स्कीम' (PSS) के तहत NAFED और NCCF द्वारा पूरी की गई। किसानों को ₹8,780 प्रति क्विंटल का MSP सुनिश्चित किया गया। इस सीजन की खास बात यह रही कि जुलाई 2026 में राज्य सरकार ने किसानों के दबाव में प्रोक्योरमेंट लिमिट को 25% से बढ़ाकर 60% कर दिया था।
नेशनल आउटलुक और चुनौतियां
जहां मध्य प्रदेश में बंपर खरीद हुई है, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर तस्वीर थोड़ी जटिल है। अगस्त 2026 तक देश में मूंग का रकबा 32.68 लाख हेक्टेयर है, जो पिछले साल के 33.92 लाख हेक्टेयर से कम है। राजस्थान, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अनिश्चित मानसून के कारण पैदावार पर असर पड़ा है।
इतने बड़े वॉल्यूम (5.33 लाख टन) का स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स संभालना अब सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है ताकि स्टॉक खराब न हो। इसके अलावा, सरकारी खरीद की सीमा बढ़ाने को लेकर किसान संगठनों की मांग अब भी जारी है, जो भविष्य में नीतिगत बहसों का मुख्य केंद्र बनी रहेगी।
