लद्दाख के खुबानी का बढ़ा निर्यात! UAE को **1,000 टन** की सप्लाई का लक्ष्य

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AuthorAditya Rao|Published at:
लद्दाख के खुबानी का बढ़ा निर्यात! UAE को **1,000 टन** की सप्लाई का लक्ष्य

लद्दाख ने **5 टन** प्रीमियम ह KMnO खुबानी को UAE भेजा है। LuLu Group के साथ साझेदारी में, केंद्र शासित प्रदेश इस सीजन में निर्यात को **1,000 टन** तक ले जाने की तैयारी में है। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करने पर केंद्रित है।

खुबानी निर्यात में बड़ी छलांग

लद्दाख ने बागवानी निर्यात के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जहाँ 5 टन प्रीमियम ह KMnO खुबानी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेजा गया है। यह पहल दूर-दराज के पहाड़ी किसानों को सीधे अंतरराष्ट्रीय रिटेल बाज़ारों से जोड़ने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। यह शिपमेंट अप्रैल में UAE स्थित रिटेल दिग्गज, LuLu Group के साथ हुए एक समझौते के बाद हुआ है, जो पश्चिम एशिया में हाइपरमार्केट का एक विशाल नेटवर्क संचालित करता है।

निर्यात को बढ़ाने का लक्ष्य

लद्दाख प्रशासन ने चालू सीजन के दौरान 1,000 टन से अधिक खुबानी निर्यात करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पिछले दो वर्षों में कुल निर्यात किए गए 1.5 टन के मुकाबले एक बड़ी वृद्धि दर्शाता है। यह फल, जो क्षेत्र की अनूठी शीत मरुस्थलीय जलवायु में उगाया जाता है, लगभग 30,000 किसान परिवारों के लिए आय का एक प्राथमिक स्रोत है। खुबानी की खेती के लिए समर्पित लगभग 2,600 हेक्टेयर भूमि के साथ, यह क्षेत्र सालाना लगभग 15,868 टन ताज़ी खुबानी और लगभग 2,000 टन सूखी खुबानी का उत्पादन करता है।

लॉजिस्टिक्स और आर्थिक प्रभाव

ऊंचाई वाले क्षेत्रों से निर्यात का विस्तार करने में महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक चुनौतियाँ शामिल हैं। वर्तमान खेप नई दिल्ली तक सड़क मार्ग से पहुंचाई गई, इससे पहले कि वह अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू करे। LuLu Group के साथ साझेदारी का उद्देश्य एक संरचित आपूर्ति श्रृंखला प्रदान करके इन चुनौतियों को कम करना है। वैश्विक बाजारों का लाभ उठाकर, प्रशासन का इरादा फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करना है, जो दूरदराज के क्षेत्रों में आम है, और स्थानीय किसानों के लिए घरेलू थोक बाजारों की तुलना में बेहतर मूल्य सुरक्षित करना है।

यह निर्यात ड्राइव लद्दाख में बागवानी क्षेत्र को पेशेवर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना क्षेत्र के लिए आवश्यक माना जाता है, क्योंकि यह अधिक वाणिज्यिक और निर्यात-उन्मुख खेती की ओर बढ़ रहा है। इस 1,000-टन के लक्ष्य की सफलता काफी हद तक कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की दक्षता और पीक हार्वेस्ट महीनों के दौरान स्थानीय उत्पादकों से आपूर्ति की निरंतरता पर निर्भर करेगी।

कृषि क्षेत्र पर नज़र रखने वाले निवेशक और विश्लेषक सीजन के अंत तक हासिल किए गए निर्यात की कुल मात्रा की निगरानी करेंगे। इस परियोजना की सफलता संभावित रूप से अन्य उच्च-मूल्य वाले पहाड़ी उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय रिटेल श्रृंखलाओं में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर सकती है, बशर्ते आपूर्ति श्रृंखला स्थिर रहे और निर्यात बाजारों द्वारा आवश्यक गुणवत्ता मानकों को लगातार पूरा किया जाए।

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