Kashmir Saffron: रिकॉर्ड गर्मी की मार, केसर की पैदावार पर मंडराया संकट

AGRICULTURE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Kashmir Saffron: रिकॉर्ड गर्मी की मार, केसर की पैदावार पर मंडराया संकट

कश्मीर के पंपोर में केसर की फसल भीषण गर्मी और सूखे की चपेट में है। लगातार दूसरे साल उत्पादन गिरने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे हजारों किसान परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।

कश्मीर की प्रसिद्ध केसर की खेती इस वक्त कुदरत की बड़ी मार झेल रही है। पंपोर के खेतों में तापमान की वृद्धि और बारिश की कमी ने केसर के फूलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। 4 अक्टूबर को श्रीनगर में तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि साल 1935 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। इस चिलचिलाती गर्मी ने फसल की विकास प्रक्रिया को रोक दिया है।

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत का अंतर

साल 2010 में शुरू किए गए National Saffron Mission के तहत ₹412 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था, जिसका लक्ष्य ड्रिप इरिगेशन और अत्याधुनिक तकनीक से खेती को मौसम के खतरों से बचाना था। हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका लाभ सीमित ही दिखा है। जिन किसानों ने निजी कुओं में निवेश किया है, उनकी फसल तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है, लेकिन बारिश पर निर्भर रहने वाले किसान भारी नुकसान की कगार पर हैं।

आर्थिक संकट का साया

केसर की खेती लगभग 20,000 से 25,000 परिवारों की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। आमतौर पर यहाँ हर साल 13 से 14 टन केसर का उत्पादन होता है। पिछले साल भी उत्पादन गिरकर ऐतिहासिक औसत का केवल 5 से 10 फीसदी रह गया था, और यदि इस बार भी हालात नहीं सुधरे तो यह किसानों के लिए एक बड़ी आर्थिक चोट होगी। फिलहाल पूरी नजर आगामी फसल कटाई के डेटा पर टिकी है कि यह सीजन किसानों को कितनी राहत या कितना नुकसान पहुँचाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.