Karnataka Drought: राज्य में सूखे का संकट, 101 तालुका घोषित, बढ़ सकती है महंगाई

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Karnataka Drought: राज्य में सूखे का संकट, 101 तालुका घोषित, बढ़ सकती है महंगाई

मानसून की बेरुखी और **30%** कम बारिश के कारण कर्नाटक सरकार ने **101** तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि सरकार ने राहत कार्यों के लिए **₹635 करोड़** का फंड जारी किया है, जिससे रूरल इकोनॉमी और महंगाई पर असर पड़ने की आशंका है।

कर्नाटक सरकार ने 27 अगस्त, 2026 को राज्य के 101 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। राज्य के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 26 अगस्त के बीच बारिश में 30% की भारी कमी देखी गई है। कुल 465 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 666 मिमी होना चाहिए था। इनमें से 89 तालुका गंभीर रूप से प्रभावित हैं और 12 तालुका मध्यम श्रेणी के सूखे की मार झेल रहे हैं।

खरीफ सीजन और खेती पर मार

बारिश की कमी का सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ा है। राज्य में बुवाई का टारगेट 84 लाख हेक्टेयर था, लेकिन यह घटकर मात्र 60 लाख हेक्टेयर रह गया है। जलाशयों में जलस्तर घटने और भूजल स्तर नीचे जाने से बागवानी फसलों जैसे प्याज, मिर्च और टमाटर की पैदावार पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। कृषि उत्पादन में इस गिरावट से फूड इन्फ्लेशन (महंगाई) बढ़ने का डर है, जिसका सीधा असर एफएमसीजी (FMCG) और फूड प्रोसेसिंग कंपनियों के मार्जिन पर पड़ सकता है।

राहत और आर्थिक असर

सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए ₹635 करोड़ का तुरंत प्रावधान किया है, जिससे पेयजल, पशुओं के लिए चारा और रोजगार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार केंद्र से भी अतिरिक्त वित्तीय मदद की मांग करने की तैयारी में है। अभी 32 और तालुका जांच के दायरे में हैं, जिन्हें आने वाले समय में सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे आगामी इन्फ्लेशन डेटा और ग्रामीण बाजारों में कंपनियों के सेल्स वॉल्यूम पर नजर बनाए रखें, क्योंकि रूरल डिमांड में सुस्ती का संकेत बाजार के लिए बड़ा रिस्क हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.