Insecticides (India) Limited ने चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में **24.5%** की गिरावट के साथ **₹43.87 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू **11.5%** घटकर **₹611.52 करोड़** रहा। देश भर में कम बारिश के कारण मांग में आई कमी कंपनी के लिए परेशानी का सबब बनी, हालांकि प्राइसिंग स्ट्रैटेजी से ग्रॉस मार्जिन में सुधार हुआ।
Insecticides India पर बारिश का डबल अटैक!
Insecticides (India) Limited के लिए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1) उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही। कंपनी को 24.5% की बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते नेट प्रॉफिट घटकर ₹43.87 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹58.11 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 11.5% लुढ़ककर ₹611.52 करोड़ रहा।
क्यों आई गिरावट?
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस तिमाही की गिरावट का मुख्य कारण देश के कई हिस्सों में हुए बारिश की कमी को बताया है। कम बारिश की वजह से कृषि उत्पादों की मांग में भारी कमी आई, जिसका सीधा असर Insecticides India के बिजनेस पर पड़ा। आपको बता दें कि एग्रोकेमिकल कंपनियां मॉनसून के पैटर्न पर काफी निर्भर करती हैं, और बारिश की कमी से सीधे कीटनाशकों (insecticides) और फसल सुरक्षा उत्पादों (crop protection products) की बिक्री कम हो जाती है।
मार्जिन में सुधार, पर लागत का बोझ!
हालांकि, बिक्री घटने के बावजूद, कंपनी अपनी प्राइसिंग स्ट्रैटेजी को मजबूत बनाए रखने में कामयाब रही। इसके चलते ग्रॉस प्रॉफिट मार्जिन 31.6% तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 29.2% था। लेकिन, यह अच्छी खबर ऑपरेटिंग लेवल तक नहीं पहुंच पाई। एम्प्लॉई कॉस्ट और अन्य प्रशासनिक खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का EBITDA 20% गिरकर ₹67.61 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन भी पिछले साल की 12.2% की तुलना में घटकर 11.1% पर आ गया।
नए प्रोडक्ट्स और आगे की रणनीति
इन चुनौतियों का सामना करने के लिए, कंपनी अब हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है। हाल ही में Corteva Agriscience के साथ मिलकर GRANUVIA और Spinoace जैसे नए कीटनाशक लॉन्च किए हैं। इसके अलावा, 'IIL Crop Solutions' प्रोग्राम का विस्तार भी किया जा रहा है, जिसके तहत 14 राज्यों में किसानों को सीधे जोड़कर प्रोडक्ट की प्रभावशीलता दिखाई जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
एग्रोकेमिकल सेक्टर की साइक्लिकल नेचर को देखते हुए, पिछले 12 महीनों में Insecticides India का शेयर 35-36% तक गिर चुका है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या कंपनी मांग में कमी या बढ़ते खर्चों के बावजूद अपने मार्जिन को बनाए रख पाती है। मॉनसून की प्रगति और नए प्रोडक्ट्स की सफलता कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
