India Fertilizer: LNG की ऊंची कीमतों से सरकारी सब्सिडी पर बड़ा बोझ

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AuthorAditya Rao|Published at:
India Fertilizer: LNG की ऊंची कीमतों से सरकारी सब्सिडी पर बड़ा बोझ
Overview

भारत ने खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त फर्टिलाइजर (खाद) स्टॉक जुटा लिया है, जो पिछले साल के स्तरों से भी अधिक है। लेकिन, स्पॉट मार्केट में LNG की बढ़ी कीमतों के कारण सरकार के सब्सिडी बिल में भारी इजाफा होने की आशंका है, जो बजट के लिए चिंता का सबब बन सकता है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, फर्टिलाइजर प्लांट्स को अब प्राकृतिक गैस की सप्लाई 75-80% तक पहुंच गई है, जो कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान 60% तक गिर गई थी। लेकिन, इस सप्लाई को बनाए रखने के लिए स्पॉट मार्केट से महंगी LNG मंगाई जा रही है। हाल ही में $19.5 प्रति एमएमबीटीयू पर LNG हासिल की गई, जो संघर्ष से पहले के $11-12 एमएमबीटीयू के स्तर से करीब 70% ज्यादा है। इस रणनीति से सरकारी सब्सिडी बिल में भारी बढ़ोतरी का जोखिम है।

इस बढ़ती लागत का सीधा असर सरकारी खजाने पर दिख रहा है। 2025-26 के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी का अनुमान बढ़ाकर ₹1.86 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो कि पहले के ₹1.68 लाख करोड़ के बजट अनुमान से ज्यादा है। सरकार ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए पहले ही ₹19,230 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी के लिए संसदीय मंजूरी मांगी है। भविष्य में भू-राजनीतिक स्थिति और LNG, अमोनिया व सल्फर जैसी इनपुट लागतों में वृद्धि के कारण यह खर्च और बढ़ सकता है।

घरेलू यूरिया उत्पादन शुरू में गैस आवंटन की प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण 30,000 से 35,000 टन प्रति दिन तक गिर गया था। हालांकि, अब स्थिति सुधर रही है। स्पॉट मार्केट से अधिक LNG की सोर्सिंग के बाद, यूरिया उत्पादन 12,000–15,000 टन प्रति दिन बढ़ गया है। वर्तमान में 27 प्लांट्स को प्राकृतिक गैस मिल रही है, और रखरखाव के बाद अन्य प्लांट भी फिर से शुरू हो रहे हैं।

भारत पारंपरिक पश्चिम एशियाई आपूर्तिकर्ताओं (जो यूरिया और डीएपी आयात का 20-30% हिस्सा प्रदान करते हैं) से परे अपने फर्टिलाइजर स्रोतों में सक्रिय रूप से विविधता ला रहा है। 13.07 लाख टन यूरिया के लिए एक ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है, और सऊदी अरब (Saudi Arabia) व ओमान (Oman) जैसे देशों के साथ दीर्घकालिक आपूर्ति समझौते किए जा रहे हैं। रूस (Russia), मोरक्को (Morocco), ऑस्ट्रेलिया (Australia) और अन्य देशों से भी सोर्सिंग के प्रयास जारी हैं।

चिंताओं के बावजूद, भारत ने आगामी खरीफ सीजन के लिए आवश्यक 390 लाख टन फर्टिलाइजर (पिछले साल 361 लाख टन की तुलना में) का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया है। वर्तमान में 180 लाख टन का भंडार उपलब्ध है, जो पिछले साल इसी समय 147 लाख टन की तुलना में काफी अधिक है।

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