Syngenta Group भारतीय किसानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार
Syngenta Group, फसल विज्ञान (crop science) में एक वैश्विक लीडर, भारत के छोटे किसानों को सशक्त बनाने के लिए अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म, 'Cropwise Grower', का महत्वपूर्ण विस्तार कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का लाभ उठाकर, विशेषज्ञ कृषिविज्ञानी (agronomist) की सलाह, वास्तविक समय बाजार मूल्य और उन्नत कृषि तकनीकों जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं सीधे किसानों को उनकी स्थानीय भाषाओं में प्रदान करके प्रौद्योगिकी के अंतर को पाटना है।
छोटे किसानों के लिए मुख्य समस्या
भारत में छोटे किसानों को अक्सर आधुनिक कृषि ज्ञान, बाजार की जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। Syngenta का 'Cropwise Grower' ऐप एक डिजिटल कृषिविज्ञानी (agronomist) और सूचना केंद्र के रूप में कार्य करके सीधे इस समस्या का समाधान करता है।
प्रौद्योगिकी और AI एकीकरण
यह प्लेटफॉर्म किसानों को सही बीज चुनने और निमेटोड्स (nematodes) जैसे कीटों की पहचान करने में मदद करने के लिए AI और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करता है। यह व्यक्तिगत दृष्टिकोण फसल की पैदावार में सुधार और नुकसान को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। Syngenta Group के मुख्य सूचना और डिजिटल अधिकारी, फ़िरोज़ शेख ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह तकनीक स्थानीय भाषाओं में ऐसे उत्तर प्रदान करती है जो व्यक्तिगत खेत की ज़रूरतों के अनुरूप होते हैं, जो पहले कृषिविदों (agronomists) तक सीधी पहुँच न रखने वाले किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति है।
वर्तमान पहुँच और भविष्य की योजनाएँ
'Cropwise Grower' वर्तमान में देश भर में लगभग 6 मिलियन हेक्टेयर में 2.38 मिलियन किसानों को सेवा प्रदान कर रहा है, जिसमें पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में इसका व्यापक रूप से अपनाया जाना शामिल है। Syngenta इसे आंध्र प्रदेश और अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना बना रहा है। कंपनी एक ऐसे भविष्य की कल्पना करती है जहाँ किसानों को बिना किसी सदस्यता शुल्क के, बाजार डेटा सहित, एक व्यापक डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र तक पहुँच प्राप्त हो सके।
सरकारी सहयोग और नवाचार
Syngenta भारतीय कृषि मंत्रालय की प्रस्तावित 'Virtually Integrated System To Access Agricultural Resources' (VISTAAR) के साथ एकीकरण की भी खोज कर रहा है। यह सहयोग किसानों को उन्नत सीखने के लिए वर्चुअल कक्षाएं प्रदान कर सकता है, और क्रेडिट, बीमा और डिजिटल मार्केटप्लेस तक पहुंच की सुविधा प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, Syngenta ने 2023 में भारत में ड्रोन-आधारित कृषि सेवाओं की शुरुआत की थी, जिसके लिए किसान अब Cropwise ऐप के माध्यम से अनुरोध कर सकते हैं। एक AI-संचालित चैटबॉट भी विकसित किया जा रहा है जो शुरू में कपास, धान और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए हिंदी और मराठी में तत्काल प्रश्नोत्तर प्रदान करेगा।
कृषि पर प्रभाव
Syngenta के इस डिजिटल विस्तार में लाखों भारतीय छोटे किसानों की उत्पादकता और लाभप्रदता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने की क्षमता है। प्रौद्योगिकी, सूचना और सेवाओं तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाकर, यह अधिक टिकाऊ कृषि पद्धतियों, बेहतर खाद्य सुरक्षा और बेहतर आजीविका की ओर ले जा सकता है। निवेशकों के लिए, यह भारत जैसे उभरते बाजारों में कृषि-तकनीक समाधानों के बढ़ते महत्व और क्षमता का संकेत देता है।
कठिन शब्दों की व्याख्या
- कृषिविज्ञानी (Agronomist): मिट्टी प्रबंधन और फसल उत्पादन में विशेषज्ञ।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): ऐसी तकनीक जो कंप्यूटर को ऐसे कार्य करने में सक्षम बनाती है जिनके लिए आम तौर पर मानव बुद्धि की आवश्यकता होती है, जैसे सीखना और समस्या-समाधान।
- निमेटोड्स (Nematodes): छोटे, अक्सर सूक्ष्म, गोल कृमि, जिनमें से कुछ पौधों के परजीवी हो सकते हैं।
- सैटेलाइट इमेजरी (Satellite Imagery): उपग्रहों से ली गई पृथ्वी की छवियां, जिनका उपयोग कृषि सहित विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए किया जाता है।
- VISTAAR: किसानों के लिए एक प्रस्तावित सरकारी पहल - कृषि संसाधनों तक पहुँचने के लिए वर्चुअल एकीकृत प्रणाली।
- ड्रोन-आधारित कृषि सेवाएँ: फसल की निगरानी, छिड़काव और मानचित्रण जैसे कार्यों के लिए मानवरहित हवाई वाहनों (ड्रोन) का उपयोग।