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Venky's पर CCI की पैनी नजर! पोल्ट्री कॉन्ट्रैक्ट्स में फंसे गंभीर आरोप, अब होगी पूरी जांच

AGRICULTURE
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AuthorAditya Rao|Published at:
Venky's पर CCI की पैनी नजर! पोल्ट्री कॉन्ट्रैक्ट्स में फंसे गंभीर आरोप, अब होगी पूरी जांच
Overview

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने Venkateshwara Hatcheries Group (Venky's) के खिलाफ एक बड़ी जांच का बिगुल बजा दिया है। People for Animals (PFA) की शिकायत पर CCI अब कंपनी के पोल्ट्री कॉन्ट्रैक्ट्स की पड़ताल करेगा, जिसमें किसानों के साथ एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस (anti-competitive practices) के आरोप लगे हैं।

CCI फिलहाल Venky's के ब्रॉइलर ब्रीडर एग्रीमेंट्स (BBAs) और लेयर ब्रीडर एग्रीमेंट्स (LBAs) की गहराई से पड़ताल कर रहा है। शिकायत के अनुसार, ये कॉन्ट्रैक्ट्स किसानों की अपने चूजों और हैचिंग अंडों को बेचने की क्षमता को सीमित करते हैं, खासकर प्रतिद्वंद्वियों को या अलग पोल्ट्री ब्रीड संभालने वालों को। इन एग्रीमेंट्स में यह भी कहा गया है कि ब्रीडर्स Venky's के अलावा किसी और से पेरेंट स्टॉक (parent stock) नहीं खरीद सकते।

CCI को चिंता है कि इस तरह के कॉन्ट्रैक्ट्स मार्केट एक्सेस को सीमित करके प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इससे कंज्यूमर प्राइस (consumer prices) बढ़ सकते हैं और ग्राहकों के लिए विकल्पों में कमी आ सकती है। Venky's ने अपना बचाव करते हुए कहा कि ये प्रैक्टिस इंडस्ट्री में एफिशिएंसी (efficiency) और क्वालिटी के लिए स्टैंडर्ड वर्टिकल इंटीग्रेशन (vertical integration) का हिस्सा हैं। हालांकि, कमीशन ने इस दलील को खारिज कर दिया है और पाया है कि आरोपों की पूरी जांच जरूरी है।

Venkateshwara Hatcheries Group भारत के बढ़ते पोल्ट्री इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम है, जिसका मार्केट साइज ₹8.43 ट्रिलियन है। कंपनी पोल्ट्री प्रोडक्ट्स, एनिमल हेल्थ सॉल्यूशंस और ऑयलसीड प्रोसेसिंग का काम करती है। इस मार्केट में IB Group, Godrej Agrovet और Suguna Foods जैसे बड़े इंटीग्रेटेड प्लेयर्स भी शामिल हैं।

PFA की शिकायत और CCI की जांच पोल्ट्री इंडस्ट्री की कुछ व्यापक चिंताओं को भी उजागर करती है, जैसे एनिमल वेलफेयर, इंटेंसिव फार्मिंग से एनवायरमेंटल इम्पैक्ट, वेस्ट मैनेजमेंट और जूनोटिक डिजीज ट्रांसमिशन का खतरा। CCI का एंटीट्रस्ट एक्शन का इतिहास रहा है; फरवरी 2022 में इसने नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) पर प्राइस-फिक्सिंग और सप्लाई सीमित करने के लिए जुर्माना भी लगाया था।

वित्तीय मोर्चे पर, Venky's का परफॉरमेंस मिला-जुला रहा है। FY23 में रेवेन्यू घटा और नेट प्रॉफिट में भी काफी गिरावट आई। स्टॉक परफॉरमेंस भी हाल के दिनों में ब्रॉडर मार्केट से पिछड़ता दिखा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹1,700 करोड़ है और P/E रेश्यो करीब 32.23 है। एनालिस्ट प्राइस टारगेट (analyst price targets) कुछ अपसाइड (upside) का संकेत दे रहे हैं, लेकिन रेगुलेटरी रिस्क (regulatory risks) और मार्केट डायनामिक्स (market dynamics) को लेकर इन्वेस्टर कॉशन (investor caution) बना हुआ है।

CCI जांच का नतीजा Venky's की बिजनेस स्ट्रेटेजी और मार्केट पोजीशन को प्रभावित करेगा। अगर जांच में कंपनी के खिलाफ कुछ पाया जाता है, तो उसे अपने कॉन्ट्रैक्ट्स और मार्केट प्रैक्टिस में बदलाव करने पड़ सकते हैं।

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