Indian Agri Sector: खेती-किसानी में AI और ड्रोन का तड़का, बदल रही है भारतीय कृषि की तस्वीर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Indian Agri Sector: खेती-किसानी में AI और ड्रोन का तड़का, बदल रही है भारतीय कृषि की तस्वीर

भारतीय कृषि क्षेत्र अब 'प्रिसिजन फार्मिंग' की ओर बढ़ रहा है। AI, ड्रोन टेक्नोलॉजी और आधुनिक मशीनीकरण के जरिए फसल की पैदावार बढ़ाने और लागत घटाने पर जोर दिया जा रहा है, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

भारतीय कृषि जगत अब एक बड़े बदलाव (Structural Shift) के दौर से गुजर रहा है। किसान और एग्री-बिजनेस कंपनियां अब पारंपरिक तरीकों को छोड़कर डेटा-संचालित (Data-driven) खेती पर फोकस कर रही हैं। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी का अहम रोल है, जिसकी मदद से मिट्टी की नमी और फसल की सेहत की रियल-टाइम निगरानी संभव हो पा रही है। इससे उर्वरक और पानी की सही मात्रा का इस्तेमाल सुनिश्चित होता है, जिससे खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है।

मशीनीकरण और इलेक्ट्रिक उपकरणों का दौर

ट्रैक्टर के पारंपरिक उपयोग से आगे बढ़कर अब खेती में ऑटोमेटेड टूल्स और इलेक्ट्रिक मशीनों का क्रेज बढ़ रहा है। Mahindra & Mahindra और Escorts Kubota जैसी बड़ी कंपनियां अपने पोर्टफोलियो को आधुनिक बना रही हैं ताकि प्रिसिजन-कैपेबल मशीनें उपलब्ध कराई जा सकें। इलेक्ट्रिक फार्म टूल्स न केवल ईंधन का खर्चा बचा रहे हैं, बल्कि प्रति एकड़ पैदावार बढ़ाने में भी मददगार साबित हो रहे हैं।

अडॉप्शन में बड़ी बाधाएं

हालांकि, नई तकनीक अपनाने की राह में कुछ चुनौतियां भी हैं। भारत में छोटे किसानों के लिए महंगी हाई-टेक मशीनें खरीदना एक बड़ी समस्या है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी प्रशिक्षण की कमी भी एक रुकावट है। यदि समय रहते सरकारी समर्थन और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार नहीं हुआ, तो एग्री-टेक कंपनियों की कमाई की रफ्तार सुस्त रह सकती है।

सरकारी नीति और भविष्य के मायने

सरकार 'नमो ड्रोन दीदी' (Namo Drone Didi) जैसी पहल के जरिए ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। भविष्य में इस सेक्टर की ग्रोथ सरकारी सब्सिडी और निजी निवेश पर टिकी होगी। निवेशकों को यह नजर रखनी चाहिए कि कंपनियां कितनी किफायती तकनीक पेश कर पा रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ जमीन स्तर पर कितनी तेजी से पहुंच रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.