AgriStack: सरकार का बड़ा डिजिटल धमाका, **11 करोड़** किसानों को मिली यूनिक आईडी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AgriStack: सरकार का बड़ा डिजिटल धमाका, **11 करोड़** किसानों को मिली यूनिक आईडी

सरकार ने AgriStack प्रोजेक्ट के तहत **11 करोड़** किसानों को यूनिक आईडी (Farmer ID) जारी कर दी है। यह लक्ष्य **मार्च 2027** तक हासिल करना था, जिसे सरकार ने काफी पहले पूरा कर लिया है।

डिजिटल क्रांति की नई उड़ान

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 अक्टूबर को इस मील के पत्थर की पुष्टि की। 'किसान पहचान पत्र' के नाम से जानी जाने वाली यह पहल नेशनल डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन का एक अहम हिस्सा है। अब तक बिखरे हुए दस्तावेजों के कारण किसानों को लोन और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में जो मशक्कत करनी पड़ती थी, यह नई व्यवस्था उसे पूरी तरह खत्म कर देगी।

निवेशकों के लिए क्या हैं मौके?

इस पहल से ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों, विशेषकर बैंकों, NBFCs और कृषि इनपुट कंपनियों के लिए बिजनेस का दायरा बढ़ सकता है। बैंकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती किसानों की क्रेडिट योग्यता (Creditworthiness) को आंकने की होती थी। अब सेंट्रलाइज्ड लैंड डेटा के साथ, उधारदाताओं के लिए लोन देना, प्रशासनिक खर्च घटाना और लोन रिकवरी की निगरानी करना कहीं अधिक आसान हो जाएगा।

वहीं, खाद, बीज और एग्रोकेमिकल बनाने वाली कंपनियों के लिए यह डेटा डिमांड फोरकास्टिंग (Demand Forecasting) में वरदान साबित हो सकता है। सटीक डेटा के जरिए कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को बेहतर बना सकेंगी और इन्वेंट्री का बेहतर मैनेजमेंट कर पाएंगी।

चुनौतियां और जोखिम

निवेशकों को यह समझना होगा कि इस सिस्टम की सफलता पूरी तरह से राज्यों के पास मौजूद लैंड रिकॉर्ड्स की सटीकता पर टिकी है। पूरे देश में डिजिटल रिकॉर्ड्स की गुणवत्ता एक जैसी नहीं है। इसके अलावा, इतने बड़े डेटाबेस के लिए डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी, जिस पर नजर रखना निवेशकों के लिए जरूरी है। अब बाजार इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां कितनी तेजी से इन आईडी को अपने लोन और क्लेम प्रोसेस में इंटीग्रेट करती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.