Rabi Season Outlook: देश में खाद की डिमांड का अनुमान तय, **350 लाख टन** की होगी जरूरत

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AuthorAditya Rao|Published at:
Rabi Season Outlook: देश में खाद की डिमांड का अनुमान तय, **350 लाख टन** की होगी जरूरत

केंद्र सरकार ने आगामी रबी सीजन (1 अक्टूबर से शुरू) के लिए **350 लाख टन** खाद की मांग का अनुमान जारी किया है। यह डेटा खाद कंपनियों के लिए अपनी सप्लाई चेन और प्रोडक्शन प्लानिंग के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

खाद की मांग का गणित

सरकार रबी सीजन की शुरुआत के साथ खाद की जरूरतों को व्यवस्थित करने में जुट गई है। आगामी 28 और 29 सितंबर को होने वाले नेशनल रबी कॉन्फ्रेंस में इन आंकड़ों को अंतिम रूप दिया जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा मांग यूरिया की है, जो करीब 199.27 लाख टन रहने का अनुमान है।

अन्य पोषक तत्वों की बात करें तो:

  • कॉम्प्लेक्स फर्टिलाइजर: 79.12 लाख टन
  • DAP: 55.07 लाख टन
  • MOP: 16.4 लाख टन

कंपनियों के लिए क्या हैं संकेत?

Coromandel International, Chambal Fertilisers, और Rashtriya Chemicals and Fertilisers जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए यह डिमांड फोरकास्ट एक बड़ा संकेत है। इससे कंपनियां अपना वर्किंग कैपिटल बेहतर तरीके से मैनेज कर पाती हैं। 18 सितंबर तक देश में खाद का कुल स्टॉक 141.69 लाख टन दर्ज किया गया था, जिसमें 64.91 लाख टन यूरिया और 22.83 लाख टन DAP शामिल है। यह स्टॉक रबी की बुवाई के लिए एक मजबूत 'बफर' (Buffer) का काम करेगा।

मानसून और चुनौतियां

हालांकि मौजूदा स्टॉक स्थिति संतोषजनक है, लेकिन डिमांड का असल आंकड़ा बारिश पर निर्भर करेगा। खरीफ सीजन के दौरान खराब मानसून के चलते खाद की बिक्री में गिरावट देखी गई थी। अब रबी सीजन में मिट्टी की नमी और बारिश की स्थिति यह तय करेगी कि किसान खाद का इस्तेमाल कितनी मात्रा में करते हैं। निवेशक अब आने वाली कॉन्फ्रेंस पर नजरें टिकाए बैठे हैं, जहां सप्लाई लॉजिस्टिक्स और सब्सिडी पॉलिसी से जुड़ी और स्पष्टता मिल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.