Monsoon Update: भारत में मानसून 15% कम बारिश के साथ विदा, क्या अब महंगाई बढ़ाएगी टेंशन?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Monsoon Update: भारत में मानसून 15% कम बारिश के साथ विदा, क्या अब महंगाई बढ़ाएगी टेंशन?

देश में इस बार का मानसून आधिकारिक तौर पर **15%** की कमी के साथ समाप्त हुआ है। उम्मीद के मुकाबले केवल **76.86 सेमी** बारिश दर्ज की गई, जिससे पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों में रबी फसलों और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

मानसून का गणित और राज्यों का हाल

इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के अनुसार, मानसून सीजन के दौरान औसत बारिश 90.63 सेमी होनी चाहिए थी, लेकिन देश को केवल 76.86 सेमी ही बारिश मिली है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि उत्तर-पश्चिम भारत के प्रमुख कृषि राज्यों में स्थिति काफी नाजुक है। पंजाब में 37%, राजस्थान में 24% और हरियाणा में 21% तक की भारी कमी दर्ज की गई है।

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

मानसून का सीधा असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) पर पड़ता है। कम बारिश का मतलब है किसानों की आय पर दबाव, जिसका असर ट्रैक्टर, टू-व्हीलर और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर की बिक्री पर पड़ना तय है। इसके अलावा, अगर फसल का उत्पादन प्रभावित होता है, तो खाने-पीने की चीजों में महंगाई (Food Inflation) बढ़ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी इसे लेकर बारीकी से नजर रखे हुए है, क्योंकि यही फैक्टर भविष्य में ब्याज दरों (Interest Rates) के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

रबी सीजन और जल भंडारण

अब सबकी नजरें रबी सीजन की बुवाई और जलाशयों में बचे पानी पर हैं। गेहूं, सरसों और दालों जैसी फसलों के लिए पानी की उपलब्धता बहुत जरूरी है। हालांकि पूर्वोत्तर मानसून (Northeast Monsoon) सक्रिय हो चुका है, लेकिन दक्षिण भारत के राज्यों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बारिश जल संकट को कितना कम कर पाती है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्ते कृषि उत्पादन और महंगाई के आंकड़ों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.