Wheat MSP Hike: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं का MSP हुआ **₹2,610**

AGRICULTURE
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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Wheat MSP Hike: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं का MSP हुआ **₹2,610**

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रबी सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में **₹25** की बढ़ोतरी की है। अब यह **₹2,610** प्रति क्विंटल तय किया गया है। यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और अन्य फसलों के साथ तालमेल बिठाने के लिए लिया गया है।

सरकार ने रबी सीजन के लिए गेहूं के MSP में ₹25 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर इसे ₹2,610 तय किया है। अक्टूबर में बुवाई शुरू होने से पहले यह फैसला किसानों को बड़ी राहत देने वाला है।

अन्य फसलों की कीमतों में उछाल

गेहूं के अलावा सरकार ने डाइवर्सिफिकेशन को बढ़ावा देने के लिए दूसरी फसलों के दाम भी बढ़ाए हैं। सरसों (Rapeseed & Mustard) का MSP ₹413 बढ़ाकर ₹6,613 कर दिया गया है। वहीं, कुसुम (Safflower) के दाम ₹675 बढ़ाकर ₹7,215 प्रति क्विंटल किए गए हैं। दालों की बात करें तो मसूर का दाम ₹390 बढ़कर ₹7,390 और चना ₹5,958 प्रति क्विंटल पर तय किया गया है। ये फैसले 'कमीशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेस' की सिफारिशों के आधार पर लिए गए हैं।

मार्केट और FMCG पर असर

निवेशकों के लिए यह खबर काफी अहम है। खाद और बीज बनाने वाली कंपनियों के लिए यह सकारात्मक हो सकता है, क्योंकि MSP बढ़ने से किसान बेहतर पैदावार के लिए ज्यादा निवेश करते हैं। दूसरी ओर, मैदा, बिस्किट और ब्रेड बनाने वाली बड़ी FMCG कंपनियों के लिए यह चुनौती बन सकता है। रॉ मटेरियल की लागत बढ़ने से यदि कंपनियां इसे ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो उनके प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।

सरकार का टारगेट

आने वाले मार्केटिंग ईयर के लिए सरकार ने ₹90,962 करोड़ का आउटले तय किया है, जिससे 324 लाख टन उपज को कवर किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य 121 मिलियन टन गेहूं उत्पादन का है ताकि खाद्य सुरक्षा बनी रहे। बाजार की नजरें अब बुवाई के आंकड़ों और मौसम के रुख पर टिकी होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.