India Farm Tech: इलेक्ट्रिक टिलर्स और वीडर्स की ओर बढ़ा कदम, किसानों के लिए नई उम्मीद

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India Farm Tech: इलेक्ट्रिक टिलर्स और वीडर्स की ओर बढ़ा कदम, किसानों के लिए नई उम्मीद

भारत का कृषि क्षेत्र अब इलेक्ट्रिक पावर टिलर्स और वीडर्स पर फोकस कर रहा है। 2030 तक इस मार्केट में **7.6%** की ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे छोटे किसानों की लागत कम होगी, हालांकि हाई इनिशियल कॉस्ट अभी भी एक बड़ी चुनौती है।

भारतीय कृषि क्षेत्र में अब बड़े इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के बजाय छोटे और काम के उपकरणों पर जोर दिया जा रहा है। भारत में लगभग 86% जोत दो हेक्टेयर से कम की है, जिसके चलते भारी-भरकम इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के मुकाबले इलेक्ट्रिक टिलर्स और वीडर्स छोटे किसानों के लिए ज्यादा किफायती और व्यावहारिक साबित हो रहे हैं।

लागत में कमी और बेहतर दक्षता

डीजल इंजन से इलेक्ट्रिक मोटर्स पर शिफ्ट होने से किसानों को सीधा फायदा मिल रहा है। इलेक्ट्रिक मशीनें चलाने की लागत डीजल उपकरणों के मुकाबले 25% तक कम है। इसके अलावा, इनमें ऑयल चेंज, एयर फिल्टर और फ्यूल मैनेजमेंट जैसे झंझट नहीं होते। ये मशीनें ऑन-फार्म सोलर सॉल्यूशंस के साथ भी बेहतरीन तालमेल बिठाती हैं।

इंडस्ट्री में हलचल तेज है। VST Tillers & Tractors जैसी कंपनियां Monarch Tractor के साथ मिलकर नई तकनीक विकसित कर रही हैं। सरकार भी सब्सिडी के जरिए मदद कर रही है, जो मशीन की कीमत का 40% से 70% तक कवर कर सकती है।

राह में चुनौतियां

सब कुछ आसान नहीं है। सबसे बड़ी बाधा है इलेक्ट्रिक उपकरणों की ज्यादा शुरुआती कीमत। हालांकि लंबी अवधि में यह बचत का सौदा है, लेकिन छोटे किसानों के लिए अभी भी यह एक बड़ा निवेश है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रिड की विश्वसनीयता एक बड़ा सवाल है, हालांकि 30 से 40 मिनट में 70% से 80% चार्जिंग वाली नई तकनीक पर काम चल रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.