India Fertilizer Subsidy: ₹15,000 करोड़ का भारी झटका! पश्चिमी एशिया संकट ने बढ़ाई किसानों की चिंता

AGRICULTURE
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AuthorAditi Chauhan|Published at:
India Fertilizer Subsidy: ₹15,000 करोड़ का भारी झटका! पश्चिमी एशिया संकट ने बढ़ाई किसानों की चिंता
Overview

भारत पर फर्टिलाइजर सब्सिडी का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में बढ़ती कीमतों, खासकर यूरिया के दाम दोगुना होने के कारण, सरकार को हर महीने **₹10,000 से ₹15,000 करोड़** का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में जारी संकट का सीधा असर है।

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ग्लोबल कीमतों का सीधा असर

पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के बाद से ग्लोबल फर्टिलाइजर की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं। इसी का नतीजा है कि भारत को फर्टिलाइजर सब्सिडी पर अपना खर्च बढ़ाना पड़ रहा है। सरकार ने अप्रैल-जून तिमाही के लिए इस संभावित ₹10,000 से ₹15,000 करोड़ मासिक गैप को पूरा करने के लिए अतिरिक्त सपोर्ट की मंज़ूरी दे दी है। यह कदम किसानों को ग्लोबल प्राइस स्विंग्स से बचाने और आगामी बुवाई के मौसम के लिए पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए बेहद ज़रूरी है।

फर्टिलाइजर सप्लाई की सुरक्षा

इस अनिश्चितता के बीच पर्याप्त फर्टिलाइजर उपलब्ध रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए भारत ने डोमेस्टिक प्रोडक्शन (घरेलू उत्पादन) और इम्पोर्ट (आयात) दोनों को बढ़ाया है। हाल ही में सिस्टम में लगभग 97 लाख मीट्रिक टन फर्टिलाइजर जोड़ा गया है। इसमें डोमेस्टिक प्रोडक्शन से 76.78 LMT और इम्पोर्ट से 19.94 LMT की हिस्सेदारी रही। यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी का स्टॉक पिछले साल की तुलना में बेहतर है, जो एक अहम बफर प्रदान कर रहा है। कुल स्टॉक अब 199.65 लाख टन तक पहुंच गया है, जिससे उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।

सरकारी खजाना और किसानों का सहारा

फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए यूनियन बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए शुरू में ₹1.71 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया था। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण पूरे फाइनेंशियल ईयर का अंतिम अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के फर्टिलाइजर का कम इस्तेमाल करने के आह्वान के साथ-साथ सरकार की पूरी सीजनल डिमांड को कवर करने और कमी को रोकने की प्रतिबद्धता भी बनी हुई है। यह सरकार के सावधानीपूर्वक खर्च की ज़रूरत और स्थिर कृषि उत्पादन के बीच संतुलन साधने का प्रयास है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.