भारत का एग्री एक्सपोर्ट $7.64 अरब पार, मांस और चावल की धूम

AGRICULTURE
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AuthorAditya Rao|Published at:
भारत का एग्री एक्सपोर्ट $7.64 अरब पार, मांस और चावल की धूम

भारत के कृषि निर्यात (Agri Exports) ने अप्रैल-जून तिमाही में **14%** की शानदार उछाल दर्ज की है। इस दौरान कुल निर्यात **$7.64 अरब** तक पहुंच गया, जिसमें भैंस का मांस (Buffalo Meat) और गैर-बासमती चावल (Non-Basmati Rice) की शिपमेंट्स ने सबसे बड़ा योगदान दिया।

भैंस का मांस और गैर-बासमती चावल की ताबड़तोड़ बिक्री

एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) के आंकड़ों के मुताबिक, भैंस के मांस के निर्यात में 66% की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह $1.49 अरब तक पहुंच गया। वहीं, गैर-बासमती चावल के निर्यात में 12% का इजाफा हुआ और यह $1.59 अरब का आंकड़ा पार कर गया। इन दोनों ही सेगमेंट्स में एक्सपोर्ट वॉल्यूम में 32% तक की बढ़त देखी गई, जो निर्यातकों के लिए एक अच्छी खबर है।

बासमती चावल और ताज़े फल हुए ठंडे

हालांकि, सभी सेगमेंट्स में यह तेजी देखने को नहीं मिली। प्रीमियम बासमती चावल के एक्सपोर्ट में 3% की गिरावट आई और यह $1.44 अरब पर आ गया। वहीं, ताज़े फल, डेयरी प्रोडक्ट्स, मूंगफली और पोल्ट्री जैसे सेगमेंट्स में भी गिरावट दर्ज की गई। ताज़े फलों का निर्यात घटकर $281.11 मिलियन और डेयरी प्रोडक्ट्स का $171.27 मिलियन रहा। इसका मुख्य कारण वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों में बदलाव हो सकते हैं।

आगे क्या? निवेशकों के लिए संकेत

सरकारी नीतियों, जैसे एक्सपोर्ट ड्यूटी या मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस, का कृषि निर्यात पर सीधा असर पड़ता है। फिलहाल, गैर-बासमती चावल और भैंस का मांस निर्यात का मुख्य आधार बने हुए हैं। इन पर किसी भी सरकारी फैसले का भविष्य के निर्यात प्रदर्शन पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। दालों के एक्सपोर्ट में 52% की वृद्धि देखी गई है, लेकिन यह मौसमी फसलों पर निर्भर करता है। निवेशकों को इन आंकड़ों पर बारीकी से नज़र रखने की सलाह दी जाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.