Q3 में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
Harshil Agrotech Ltd. ने दिसंबर 2025 में समाप्त हुई तीसरी तिमाही में ₹724.77 लाख का कुल रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹4,229.12 लाख था। यह 83.05% की भारी गिरावट है। इस दौरान कंपनी का नेट लॉस बढ़कर ₹335.58 लाख पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹291.30 लाख था। प्रति शेयर आय (EPS) भी गिरकर ₹(0.08) हो गई, जो पिछले साल ₹(0.04) थी।
9 महीने के प्रदर्शन से थोड़ी राहत, पर Q3 की चिंता?
हालांकि, अगर फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों की बात करें, तो कंपनी के रेवेन्यू में 78.64% की अच्छी बढ़ोतरी हुई और यह ₹10,943.20 लाख तक पहुंच गया। नेट प्रॉफिट भी 7.53% बढ़कर ₹1,117.61 लाख रहा, और EPS ₹0.15 पर स्थिर रहा। लेकिन, तीसरी तिमाही के इन खराब नतीजों से कंपनी के मार्जिन पर दबाव और ऑपरेशनल दिक्कतें साफ दिख रही हैं।
ऑडिटर्स की चेतावनी: सबसे बड़ा रेड फ्लैग!
सबसे बड़ी चिंता की बात कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स (Statutory Auditors) की रिपोर्ट में सामने आई है। उन्होंने लिमिटेड रिव्यू (Limited Review) के बाद बताया है कि बैलेंस शीट की तारीख तक ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables), ट्रेड पेएबल्स (Trade Payables) और सभी तरह के लोन (Loans) और एडवांसेज (Advances) का व्यापक वेरिफिकेशन (Verification) अभी बाकी है। यह कंपनी के वित्तीय आंकड़ों की सटीकता और एसेट/लायबिलिटी वैल्यूएशन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
आगे क्या?
कंपनी मुख्य रूप से 'एग्रीकल्चर प्रोडक्ट ट्रेडिंग' (Trading of Agriculture Product) के सेगमेंट में काम करती है। इस सेगमेंट में Q3 में आई भारी गिरावट की वजहों का बारीकी से विश्लेषण करने की जरूरत है। निवेशकों को मैनेजमेंट से Q3 में हुई इस बड़ी गिरावट के कारणों और ऑडिटर्स की वेरिफिकेशन संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का इंतजार करना चाहिए।
