📈 नतीजों का पूरा विश्लेषण
Harrisons Malayalam Limited ने दिसंबर 31, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीने की अवधि के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान किया है। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए, ऑपरेशंस से रेवेन्यू में पिछले साल (YoY) की तुलना में 0.81% की मामूली गिरावट आई, जो ₹14,109.42 लाख रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹14,224.56 लाख था। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 31.85% की बड़ी गिरावट देखी गई, जो ₹763.53 लाख पर आ गया, जबकि पिछली बार यह ₹1,120.11 लाख था। इससे तिमाही के लिए डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी घटकर ₹4.14 रह गया, जो पिछले साल ₹6.07 था।
Q3 में लाभप्रदता में इस तीखी गिरावट की मुख्य वजह मटीरियल कंज्यूम की लागत में 26.75% और अन्य ऑपरेशनल खर्चों में 10.09% की भारी बढ़ोतरी थी, साथ ही इस तिमाही के लिए अन्य आय (other income) में कमी भी आई। हालांकि, इस दौरान कर्मचारी लाभ व्यय (employee benefits expense) को कम किया गया, और कर व्यय (tax expenses) शून्य रहा। टी सेगमेंट ने Q3 FY26 में ₹(113.29) लाख का घाटा दिखाया, जो Q3 FY25 में ₹195.25 लाख के लाभ के मुकाबले एक बड़ा उलटफेर था, जिसने तिमाही नतीजों पर नकारात्मक असर डाला।
🚀 9 महीनों में शानदार उछाल
इसके विपरीत, नौ महीने की अवधि (Nine Months FY26) में कंपनी की ग्रोथ मजबूत रही। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 3.91% YoY बढ़कर ₹39,195.60 लाख हो गया। सबसे प्रभावशाली बात यह है कि PBT और PAT 106.27% YoY बढ़कर ₹2,001.89 लाख पर पहुंच गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹970.81 लाख थे। नतीजतन, नौ महीनों के लिए डाइल्यूटेड EPS पिछले साल के ₹5.26 की तुलना में काफी बढ़कर ₹10.85 हो गया।
नौ महीने की अवधि में मजबूत वृद्धि (Q3 की कमजोर परफॉरमेंस के बावजूद) मुख्य रूप से साल-दर-तारीख (year-to-date) के आधार पर अन्य आय में हुई एक बड़ी बढ़ोतरी और 'अन्य' सेगमेंट (Others' segment) के बेहतर प्रदर्शन से प्रेरित थी। यह ध्यान देने योग्य है कि नौ महीनों के लिए ब्याज से पहले रबर सेगमेंट का लाभ ₹2,838.39 लाख से घटकर ₹1,997.84 लाख हो गया, लेकिन ओवरऑल नौ महीने के PBT ग्रोथ से पता चलता है कि 'अन्य' सेगमेंट और 'अन्य आय' ही इस प्रभावशाली लाभप्रदता के मुख्य चालक थे।
⚠️ निवेशकों के लिए चिंता की बात
निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात कंपनी की बैलेंस शीट है, जो दिसंबर 31, 2025 तक की स्थिति के अनुसार, चालू देनदारियों (current liabilities) का चालू संपत्तियों (current assets) से अधिक होना दर्शाती है। हालांकि मैनेजमेंट ने उम्मीद जताई है कि अपेक्षित कैश फ्लो और क्रेडिट सुविधाओं के माध्यम से वित्तीय दायित्वों को पूरा किया जाएगा, लेकिन निवेशकों को इस स्थिति पर करीब से नजर रखनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी को एक बड़े कानूनी जोखिम का सामना करना पड़ रहा है: केरल सरकार द्वारा वायनाड जिले में जमीन के मालिकाना हक को चुनौती देने वाला एक सिविल मुकदमा दायर किया गया है, जिसका समाधान अभी लंबित है। नए लेबर कोड्स की अधिसूचना के कारण कर्मचारी लाभों के लिए ₹104 लाख की अतिरिक्त देनदारी भी दर्ज की गई है।