गुजरात सरकार ने मूंगफली, सोयाबीन, मूंग और उड़द के लिए MSP रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख को बढ़ाकर **24 अक्टूबर 2026** कर दिया है। यह फैसला राज्य में फसल के बढ़ते उत्पादन और किसानों को सरकारी खरीद का लाभ सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
गुजरात सरकार ने चार प्रमुख खरीफ फसलों—मूंगफली, मूंग, सोयाबीन और उड़द की MSP खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को 15 दिन आगे बढ़ा दिया है। पहले यह तारीख 9 अक्टूबर थी, लेकिन अब किसान 24 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। कृषि मंत्री जीतूभाई वघानी ने बताया कि किसानों और सहकारी समितियों की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि हार्वेस्ट साइकिल के साथ खरीद प्रक्रिया का तालमेल बेहतर हो सके।
उत्पादन के बदलते आंकड़े
राज्य में फसलों के उत्पादन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मूंगफली की खेती 20.7 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गई है, जो तीन साल के औसत से 8% अधिक है। सोयाबीन का रकबा 3.04 लाख हेक्टेयर और उड़द का रकबा 93,000 हेक्टेयर तक पहुँच गया है, जो सामान्य से 13% ज्यादा है। हालांकि, मूंग की खेती में 41% की गिरावट दर्ज की गई है, जो अब घटकर 32,800 हेक्टेयर रह गई है।
बाजार के जानकारों के अनुसार, मूंगफली और सोयाबीन के उत्पादन में इस उछाल से सरकारी खरीद केंद्रों पर दबाव बढ़ सकता है। MSP किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती है, लेकिन बंपर पैदावार के समय सप्लाई चेन में लॉजिस्टिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
ऑपरेश्नल जोखिम और आगे की राह
रजिस्ट्रेशन बढ़ने के बाद अब सरकार के सामने खरीद केंद्रों के प्रबंधन और भुगतान की प्रक्रिया को सुचारू बनाने की चुनौती होगी। सरकार DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में पैसा भेजती है, जिसके लिए आधार-सीडेड अकाउंट अनिवार्य है। किसी भी तकनीकी देरी के कारण भुगतान में रुकावट आ सकती है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
इसके अलावा, रबी सीजन की तैयारी के लिए 'i-Khedut' पोर्टल भी खुला है, जहाँ किसान 15 अक्टूबर तक बीज और अन्य कृषि इनपुट्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, कपास की खरीद के लिए 'Kapas Kisan' ऐप पर 31 अक्टूबर 2026 तक रजिस्ट्रेशन जारी है।
