Groundwater Crisis: जल संकट ने बदली खेती की तस्वीर, अब 'प्रिसिजन एग्रीकल्चर' में निवेश का बड़ा मौका

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Groundwater Crisis: जल संकट ने बदली खेती की तस्वीर, अब 'प्रिसिजन एग्रीकल्चर' में निवेश का बड़ा मौका

भारत का एग्रीकल्चर सेक्टर अब बदल रहा है। मॉनसून में **13%** की कमी और तेजी से गिरते भूजल स्तर के कारण पारंपरिक खेती मुश्किल हो गई है, जिससे अब तकनीक और वॉटर-एफिशिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर झुकाव बढ़ गया है।

भारत में भूजल (Groundwater) का स्तर लगातार गिर रहा है, खासकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में पानी निकालने की दर रिचार्ज क्षमता से बहुत ज्यादा है। 2026 में 13% मॉनसून डेफिसिट ने महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में सूखे के हालात को और गंभीर बना दिया है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा भूजल उपभोक्ता है, जिसमें कृषि का हिस्सा करीब 90% है, जो पारंपरिक सिंचाई के साथ अब टिकने वाला नहीं है।

खेती का बदलता स्वरूप

यह जल संकट कृषि अर्थव्यवस्था में बुनियादी बदलाव ला रहा है। अब निवेशक और कंपनियां उन सॉल्यूशंस पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं जो पानी की खपत कम करते हैं। खेती अब केवल फसल उगाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित इंडस्ट्री बन रही है, जहाँ सेंसर और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल हो रहा है। VA Tech Wabag जैसी कंपनियां अब केवल कंस्ट्रक्शन नहीं, बल्कि रिसोर्स एफिशिएंसी के नजरिए से देखी जा रही हैं।

चुनौतियां और मौके

एरोपोनिक्स (Aeroponics) और हाइड्रोपोनिक्स (Hydroponics) जैसी तकनीकों का चलन बढ़ रहा है, लेकिन इसके रास्ते में बड़ी बाधाएं भी हैं। छोटे किसानों की सीमित डिजिटल साक्षरता, जमीन के छोटे टुकड़े और सरकारी सब्सिडी का ढांचा अभी भी बड़ी चुनौती है। अक्सर, चावल और गन्ने जैसी पानी सोखने वाली फसलों पर मिलने वाली सब्सिडी और MSP, किसानों को नई तकनीकों की ओर बढ़ने से रोकती है।

फ्यूचर आउटलुक

भारतीय एग्रीटेक मार्केट के साल 2034 तक $2.52 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। इस ग्रोथ की रफ्तार 'अटल भूजल योजना' (Atal Bhujal Yojana) और 'NAQUIM 2.0' जैसी सरकारी पहलों और निजी इनोवेशन पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे सरकारी पॉलिसी रिफॉर्म्स पर नजर रखें, क्योंकि यही वो ट्रिगर होगा जो इस सेक्टर में निवेश और तकनीक की तैनाती को रफ्तार देगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.