कपास मिशन: सरकार का ₹5,659 करोड़ का दांव, किसानों और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बड़ी उम्मीदें

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
कपास मिशन: सरकार का ₹5,659 करोड़ का दांव, किसानों और टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए बड़ी उम्मीदें

भारतीय किसानों के लिए खुशखबरी! सरकार ने कपास की पैदावार बढ़ाने के लिए 'कपास क्रांति' मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत **₹5,659 करोड़** खर्च किए जाएंगे, जिसका लक्ष्य **FY31** तक कपास की पैदावार को **428 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर** से बढ़ाकर **755 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर** करना है।

क्यों पड़ी इस मिशन की ज़रूरत?

भारत दुनिया में सबसे ज़्यादा कपास उगाने वाला देश है, लेकिन पैदावार के मामले में हम पिछड़ रहे थे। पिछले कुछ सालों में कपास की पैदावार 428 से 443 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर के बीच अटकी हुई थी। इस बीच, घरेलू उत्पादन में गिरावट आई है, जिससे आयात पर निर्भरता बढ़ गई। FY23 में जहां 33.66 मिलियन गांठ कपास का उत्पादन हुआ था, वहीं FY26 तक यह घटकर करीब 29.1 मिलियन गांठ रह गया। नतीजतन, कच्चे कपास का आयात 54.6% बढ़कर $1.86 बिलियन तक पहुंच गया।

'कपास क्रांति' मिशन के लक्ष्य

सरकार का यह नया मिशन इसी समस्या से निपटने के लिए लाया गया है। ₹5,659 करोड़ के इस बजट से उन्नत खेती की तकनीकें, बेहतर बीज वितरण और हाई-डेंसिटी प्लांटिंग पर जोर दिया जाएगा। इसका सीधा मकसद टेक्सटाइल इंडस्ट्री को सस्ता और अच्छी क्वालिटी का कच्चा माल उपलब्ध कराना है, ताकि वे $100 बिलियन के एक्सपोर्ट लक्ष्य को हासिल कर सकें।

निवेशकों के लिए क्या है खास?

इस मिशन से सीधे तौर पर 3.2 मिलियन किसानों को फायदा होने की उम्मीद है। टेक्सटाइल कंपनियों में निवेश करने वालों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि आने वाले सालों में घरेलू कपास की कीमतों और उपलब्धता में क्या बदलाव आता है। अगर यह मिशन सफल होता है, तो टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनियों के लिए मार्जिन में सुधार हो सकता है। हालांकि, मौसम में बदलाव, कीटों का प्रकोप और नई किस्मों को अपनाने की किसानों की रफ़्तार जैसी चुनौतियां भी मौजूद हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.