Godrej Agrovet लिमिटेड के Q3 FY26 के नतीजे सामने आए हैं, जो निवेशकों के लिए मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जहां एक ओर कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में 11.0% की शानदार साल-दर-साल (YoY) बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹2,718.32 करोड़ पर पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) लगभग स्थिर रहा।
इस तिमाही में कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹109.85 करोड़ की तुलना में मामूली 0.1% घटकर ₹109.73 करोड़ रहा। इसकी मुख्य वजह ₹30.44 करोड़ का एक विशेष खर्च (exceptional item) था, जो नए लेबर कोड के कारण कर्मचारियों के ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट जैसे लाभों पर पड़ा।
हालांकि, इन चिंताओं के बावजूद, कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA) में सुधार देखा गया, जो 8.98% से बढ़कर 9.27% हो गया। ईपीएस (EPS) में भी 3.6% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹6.01 पर पहुंच गया। वहीं, इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेश्यो (Interest Service Coverage Ratio) भी 5.08 से बेहतर होकर 5.88 हो गया।
इस तिमाही में कंपनी ने दो अहम रणनीतिक कदम भी उठाए। पहला, Creamline Dairy Products Limited में बची हुई 36.79% हिस्सेदारी को ₹708.58 करोड़ में खरीदकर इसे पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी बना लिया। दूसरा, अपनी एक और महत्वपूर्ण सब्सिडियरी Astec LifeSciences Limited में भी राइट्स इश्यू के जरिए अपनी हिस्सेदारी को 67.03% तक बढ़ा लिया।
लेकिन, सबसे बड़ी चिंता लिक्विडिटी (Liquidity) को लेकर है। 31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी का कंसॉलिडेटेड करंट रेश्यो (Current Ratio) काफी कमजोर होकर 0.79 पर आ गया है, जो पिछले साल की तुलना में काफी कम है। साथ ही, वर्किंग कैपिटल (Working Capital) भी निगेटिव स्तर पर है। यह स्थिति कंपनी के लिए छोटी अवधि के दायित्वों को पूरा करने में चुनौतियां खड़ी कर सकती है।
खास बात यह है कि मैनेजमेंट की ओर से भविष्य के लिए कोई स्पष्ट आउटलुक (Outlook) या गाइडेंस जारी नहीं किया गया है। ऐसे में, इन लिक्विडिटी संबंधी चिंताओं और चल रहे निवेशों को देखते हुए निवेशकों को आगे की राह थोड़ी मुश्किल लग सकती है।
निवेशकों के लिए खास बात: रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में सुधार सकारात्मक हैं, लेकिन सपाट मुनाफा, विशेष खर्च और विशेष रूप से कमजोर लिक्विडिटी मेट्रिक्स पर बारीकी से नजर रखनी होगी। Creamline Dairy का सफल एकीकरण और सब्सिडियरी में निरंतर निवेश आगे चलकर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।