E.I.D. Parry (India) Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी के कंसोलिडेटेड (समेकित) और स्टैंडअलोन (एकल) कारोबार के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला है।
कंसोलिडेटेड स्तर पर, कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में रेवेन्यू में 18.3% की मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की, जो ₹10,316 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) भी 18.6% बढ़कर ₹232.15 करोड़ पर पहुँच गया। वहीं, EBITDA में 10.3% का इजाफा हुआ और यह ₹895 करोड़ रहा।
दूसरी ओर, कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशन में रेवेन्यू 8.8% गिरकर ₹773 करोड़ रह गया। स्टैंडअलोन बिजनेस में नेट लॉस (शुद्ध घाटा) तो जारी रहा, लेकिन यह पिछले साल की तिमाही के ₹259.75 करोड़ की तुलना में काफी कम होकर ₹54.35 करोड़ रह गया। इस सुधार की मुख्य वजह पिछले साल के मुकाबले ₹352.23 करोड़ के बड़े इम्पेयरमेंट (निवेश पर राइट-ऑफ) जैसे एक्सेप्शनल आइटम्स (असाधारण मदों) का कम होना है।
सेगमेंट के हिसाब से परफॉर्मेंस:
- फार्म इनपुट्स (Farm Inputs) डिवीजन: मुख्य रूप से सब्सिडियरी Coromandel International के ज़रिए, इसने ₹741 करोड़ का PBIT दर्ज किया, जो पिछले साल ₹717 करोड़ था।
- शुगर (Sugar) ऑपरेशन: इसमें भी सुधार देखा गया, PBIT लॉस ₹30 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹59 करोड़ के लॉस से कम है।
- डिस्टिलरी (Distillery) सेगमेंट: इस सेगमेंट में लॉस बढ़ा है, जो ₹15 करोड़ रहा, पिछले साल यह ₹1 करोड़ था।
- कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ग्रुप (CPG): कम स्वीटनर रेवेन्यू और वॉल्यूम के कारण CPG की आय घटकर ₹143 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹236 करोड़ थी।
कॉर्पोरेट एक्शन और रणनीतिक कदम:
- Coromandel International ने अगस्त 2025 में NACL Industries Limited का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
- Coromandel International ने एक अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) को मंजूरी दी है, जिससे E.I.D. Parry को लगभग ₹148.91 करोड़ मिलने की उम्मीद है।
- बोर्ड ने Coromandel International के 15 लाख इक्विटी शेयर (0.51% हिस्सेदारी) बेचने की भी मंजूरी दी है।
कंपनी ने इस रिपोर्ट में कोई विशेष फॉरवर्ड-लुकिंग गाइडेंस (भविष्य के लिए वित्तीय अनुमान) नहीं दिया है। निवेशकों को NACL Industries के इंटीग्रेशन और स्टैंडअलोन बिजनेस, खासकर CPG और डिस्टिलरी सेगमेंट में सुधार के प्रयासों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। कंसोलिडेटेड परफॉर्मेंस मजबूत है, लेकिन स्टैंडअलोन सेगमेंट की चुनौतियां एक मुख्य फोकस बनी रहेंगी।