परिणामों पर एक नज़र
Dhanuka Agritech ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 9.3% बढ़कर ₹483 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट में 29.8% का इजाफा देखने को मिला, जो ₹97.5 करोड़ रहा। लेकिन, कंपनी के EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) में धीमी 4.8% की बढ़त के साथ यह ₹132 करोड़ रहा। इसके चलते, EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान तिमाही के 28.5% से घटकर 27.3% पर आ गया। यह दर्शाता है कि बढ़ती लागत या कीमत जैसे कारणों से रेवेन्यू ग्रोथ का असर ऑपरेशनल कमाई पर उतना नहीं दिख रहा।
शेयर बायबैक और डिविडेंड का ऐलान
बाजार में कंपनी के इन नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए, 19 मई, 2026 को शेयर की कीमत लगभग ₹1,131 के आसपास कारोबार कर रही थी। शेयरधारकों को खुश करने के लिए, कंपनी ने ₹70 करोड़ के शेयर बायबैक (Share Buyback) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत 5 लाख शेयरों तक की खरीद ₹1,400 प्रति शेयर के भाव पर की जाएगी। बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई तय की गई है। इसके अलावा, कंपनी ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 17 जुलाई है। कंपनी के प्रमोटर्स भी इस बायबैक में हिस्सा लेने का इरादा रखते हैं।
वैल्यूएशन और सेक्टर का हाल
भारतीय एग्रोकेमिकल सेक्टर के वित्त वर्ष 2025-26 में 6% से 7% की ग्रोथ का अनुमान है। इस माहौल में Dhanuka Agritech का वैल्यूएशन आकर्षक लग रहा है। इसका ट्रेलिंग बारह महीने (TTM) P/E रेशियो लगभग 18.4 से 19.3 के बीच है, जो इंडस्ट्री के औसत P/E 46.20 से काफी कम है। साथियों की तुलना में, यह UPL (22.11) और PI Industries (32.69) से सस्ते वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, Sharda Cropchem (12.85) से थोड़ा महंगा है।
चिंताएं और चुनौतियां
नेट प्रॉफिट में अच्छी बढ़ोतरी के बावजूद, EBITDA ग्रोथ का धीमा होना और मार्जिन का सिकुड़ना चिंता का विषय है। इससे संकेत मिलता है कि बढ़ी हुई लागत या कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते कंपनी अपनी कमाई को मुनाफे में बदलने में उतना प्रभावी नहीं रह पा रही है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में 25% से अधिक की गिरावट आई है। कुछ विश्लेषकों ने हाल ही में FY26 के लिए अपने रेवेन्यू और EPS अनुमानों को कम किया है।
विश्लेषकों की राय
आगे चलकर, Dhanuka Agritech पर विश्लेषकों की राय मिली-जुली है। औसत प्राइस टारगेट ₹1,194.83 और ₹1,695.67 के बीच हैं, जो मौजूदा भाव से 50% तक की बढ़त की संभावना बताते हैं। हालांकि, कुछ अनुमान FY26 के लिए EPS में मामूली गिरावट का भी इशारा कर रहे हैं।