Dhanuka Agritech ने धान की फसल में ब्लास्ट रोग को नियंत्रित करने के लिए जापान की तकनीक से बना 'Polin' फंगीसाइड बाजार में उतारा है। कंपनी का फोकस अब प्रीमियम एग्रोकेमिकल सेगमेंट पर है।
प्रीमियम सेगमेंट पर कंपनी का दांव
Dhanuka Agritech ने अपने एग्रोकेमिकल पोर्टफोलियो को मजबूत करते हुए 'Polin' फंगीसाइड लॉन्च किया है। फिलहाल इसे कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बाजारों में उतारा गया है। इस प्रोडक्ट के लिए कंपनी ने जापानी फर्म Nippon Soda के साथ तकनीक साझा की है। यह दवा मुख्य रूप से धान की फसल में लगने वाले लीफ और नेक ब्लास्ट रोग से बचाव करेगी।
कैसे काम करेगा 'Polin'?
कंपनी के अनुसार, यह दवा 'ट्रांसलामिनर' (translaminar) और 'सिस्टेमिक मोबिलिटी' (systemic mobility) के डुअल-एक्शन के साथ आती है। इसकी खूबी यह है कि यह पौधे के ऊतकों के अंदर जाकर लंबे समय तक सुरक्षा देती है। इससे किसानों को बार-बार छिड़काव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे लेबर और केमिकल की लागत में कमी आएगी।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह कदम Dhanuka Agritech की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी कमोडिटी आधारित बाजार से हटकर प्रीमियम और रिसर्च-आधारित मॉलिक्यूल्स पर ध्यान दे रही है। कृषि क्षेत्र में अब हाई-इफिकेसी (high-efficacy) दवाओं की मांग बढ़ रही है, जिससे कंपनी अपने प्रॉफिट मार्जिन को बेहतर बनाना चाहती है।
हालांकि, सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि किसान इस नई तकनीक को कितनी जल्दी अपनाते हैं और कंपनी बाजार में मौजूद अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों को कैसे टक्कर देती है। साथ ही, मॉनसून की स्थिति और कृषि सीजन की मांग भी कंपनी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएंगे। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रीमियम प्रोडक्ट्स की यह सीरीज कंपनी की बैलेंस शीट में मार्जिन सुधारने में मदद करती है या नहीं।
