Aquapulse: आंध्र प्रदेश में कदम रखते ही रेवेन्यू तीन गुना करने की तैयारी, जानें पूरी रणनीति

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Aquapulse: आंध्र प्रदेश में कदम रखते ही रेवेन्यू तीन गुना करने की तैयारी, जानें पूरी रणनीति

भुवनेश्वर स्थित एग्री-टेक स्टार्टअप Aquapulse अब आंध्र प्रदेश में विस्तार की योजना बना रही है। कंपनी का लक्ष्य अपने नेटवर्क को **10,000** किसानों तक ले जाकर रेवेन्यू को **3 गुना** बढ़ाना है और प्रोक्योरमेंट को **5,000 मीट्रिक टन** तक पहुंचाना है।

बड़े विस्तार की तैयारी

Aquapulse अपने बिजनेस को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है। कंपनी अपनी सालाना कमाई को 3 गुना तक बढ़ाने के लक्ष्य के साथ भारत के सबसे बड़े झींगा (shrimp) उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में एंट्री कर रही है। अगले 12 से 18 महीनों में, स्टार्टअप अपने किसान नेटवर्क को 7,000 से बढ़ाकर 10,000 करने की योजना बना रही है। इसका सीधा असर प्रोक्योरमेंट पर दिखेगा, जो पिछले चक्र के 2,000 मीट्रिक टन से बढ़कर सीधे 5,000 मीट्रिक टन तक पहुंचने की उम्मीद है।

टेक-ड्रिवन सप्लाई चेन का फायदा

कंपनी अपनी सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। फार्म की तस्वीरों और पानी की क्वालिटी की मॉनिटरिंग के जरिए हार्वेस्ट शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। इस डिजिटाइजेशन का फायदा यह है कि कंपनी किसानों को पारंपरिक बाजार के मुकाबले 3% से 5% तक बेहतर रिटर्न देने का दावा कर रही है। यह मॉडल न केवल क्वालिटी कंट्रोल में मदद करता है, बल्कि एक्सपोर्ट मार्केट की कड़े मानकों वाली जरूरतों को भी पूरा करता है।

चुनौतियां और जोखिम

आंध्र प्रदेश में एंट्री आसान नहीं होगी, क्योंकि यहां पहले से ही कई बड़े एग्रीगेटर्स और एक्सपोर्टर्स मौजूद हैं। इसके अलावा, ग्लोबल डिमांड में उतार-चढ़ाव (विशेषकर अमेरिका और यूरोपीय संघ से) और झींगा पालन में होने वाली बीमारियों का जोखिम हमेशा बना रहता है। निवेशकों के लिए कंपनी की वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता (scalability) ही सबसे महत्वपूर्ण नजर रखने वाले फैक्टर होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.