आंध्र प्रदेश सरकार ने 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब – रायलसीमा राइजिंग' प्रोजेक्ट का ऐलान किया है। **₹1 लाख करोड़** के इस मेगा प्लान का लक्ष्य **2029** तक बागवानी उत्पादन को कई गुना बढ़ाना है। इसमें Reliance Industries भी एक अहम भागीदार के रूप में जुड़ी है।
प्रोजेक्ट का रोडमैप और लक्ष्य
आंध्र प्रदेश सरकार ने 2 अक्टूबर, 2026 को मदनपल्ले में इस महत्वाकांक्षी 'ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब' की नींव रखी। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में शुरू हुए इस प्लान के तहत ₹40,352 करोड़ का सरकारी निवेश और ₹60,000 करोड़ का प्राइवेट निवेश जुटाने का लक्ष्य है। यह परियोजना 10 जिलों के 5,869 गांवों में फैली होगी। सरकार का इरादा बागवानी के तहत आने वाले क्षेत्रफल को 8.41 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 14.41 लाख हेक्टेयर करना है, जिससे वार्षिक उत्पादन 222 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 435 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने का अनुमान है।
Reliance की भूमिका और कॉर्पोरेट पार्टनरशिप
इस प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण 'इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर' (ISA) है, जिसे Reliance Industries के साथ मिलकर विकसित किया जाएगा। यह संस्थान प्रिसिजन एग्रीकल्चर (Precision Agriculture) और डिजिटल क्रॉप मॉनिटरिंग पर जोर देगा। जानकारों का मानना है कि इससे स्ट्रॉबेरी और एवोकैडो जैसे हाई-वैल्यू फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा, जिससे एग्री-इनपुट और कोल्ड-चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
निवेशकों के लिए जोखिम (Market Risks)
हालांकि विजन बहुत बड़ा है, लेकिन निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि ₹60,000 करोड़ का प्राइवेट निवेश जुटाना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, बागवानी क्षेत्र हमेशा वैश्विक कीमतों और खराब मौसम की मार के प्रति संवेदनशील रहता है। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि सरकार कैसे जमीन प्रबंधन और सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करती है और प्राइवेट सेक्टर इसमें कितना सक्रिय रहता है।
