आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान Murasu ने भारी तबाही मचाई है। राज्य में **30,661 हेक्टेयर** क्षेत्र में धान, कपास और मक्का जैसी फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
फसलों पर संकट
चक्रवाती तूफान Murasu ने 2 नवंबर की रात और 3 नवंबर, 2026 की तड़के आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट पर दस्तक दी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 15 जिलों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। सबसे ज्यादा असर कृष्णा, बापटला और नंद्याल जिलों में देखा गया है, जो कृषि उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं।
कमोडिटी मार्केट पर असर
एक हफ्ते पहले आए चक्रवात Arnab के बाद यह दूसरा बड़ा झटका है, जिसने किसानों की कमर तोड़ दी है। धान, कपास और मक्का जैसी मुख्य फसलों के नष्ट होने से स्थानीय सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है। बाजार जानकारों का मानना है कि उत्पादन में कमी के कारण इन कमोडिटीज की कीमतों में शॉर्ट-टर्म वोलैटिलिटी (Price Volatility) देखने को मिल सकती है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और राहत कार्य
तूफान से न केवल फसलें, बल्कि बिजली और परिवहन व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। राज्य सरकार ने राहत अभियान तेज करते हुए 10,800 से अधिक लोगों को 171 राहत शिविरों में शिफ्ट किया है। अब निवेशकों और व्यापारियों की नजर इस बात पर है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स को दोबारा पटरी पर लाने में कितना समय लगेगा, क्योंकि यही सप्लाई चेन सामान्य करने का मुख्य आधार होगा।
