Agrograde: टमाटर और लहसुन की छंटाई अब करेगा AI, स्टार्टअप ने बदला गेम

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Agrograde: टमाटर और लहसुन की छंटाई अब करेगा AI, स्टार्टअप ने बदला गेम

पुणे स्थित एग्री-रोबोटिक्स स्टार्टअप Agrograde अब अपनी AI-पावर्ड सॉर्टिंग तकनीक का विस्तार टमाटर और लहसुन के लिए कर रहा है। कंपनी का लक्ष्य मैन्युअल लेबर को खत्म करना है, जिससे प्रोसेसिंग कॉस्ट **₹1** प्रति किलो से घटकर मात्र **₹0.08** के स्तर पर आ सकती है।

तकनीक से लागत में भारी कटौती

Agrograde ने अब अपनी एआई-आधारित सॉर्टिंग और ग्रेडिंग तकनीक का दायरा बढ़ा दिया है। कंपनी पहले से ही प्याज, आलू और सुपारी की सप्लाई चेन में सक्रिय है। पारंपरिक तरीके से फसल की छंटाई में प्रति किलो करीब ₹1 का खर्च आता है, लेकिन Agrograde की मशीनें इसे ₹0.08 से ₹0.10 के बीच ले आई हैं। इतना ही नहीं, जो काम पहले कई दिनों में होता था, अब वह महज 3 घंटे में पूरा हो जाता है।

देशभर में मजबूत पकड़

फिलहाल कंपनी ने 14 राज्यों में 130 से अधिक मशीनें तैनात की हैं। इनका मुख्य फोकस महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे राज्यों पर है, जहां ये मशीनें सीधे एपीएमसी (APMC) यार्ड्स के पास स्थापित की गई हैं ताकि किसानों को तुरंत सुविधा मिल सके।

आने वाले समय की चुनौतियां और अवसर

कंपनी अब अगले 18 महीनों में दक्षिण-पूर्वी एशियाई बाजारों में कदम रखने की योजना बना रही है। हालांकि, हार्डवेयर स्टार्टअप होने के नाते, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व इंटरनेट की कनेक्टिविटी जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। भारतीय फसलों की विविधता को देखते हुए, Agrograde की यह तकनीक विदेशी मशीनों के मुकाबले काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही है, क्योंकि यह स्थानीय फसलों की अलग-अलग शेप और क्वालिटी को आसानी से समझ लेती है। आने वाले तीन सालों में कंपनी मसाला बाजार (Spice Market) में भी प्रवेश करने की तैयारी में है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.