Agrograde का कमाल: AI टेक्नोलॉजी से अब सुपारी की छंटाई होगी और आसान, बढ़ेगी एफिशिएंसी

AGRICULTURE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Agrograde का कमाल: AI टेक्नोलॉजी से अब सुपारी की छंटाई होगी और आसान, बढ़ेगी एफिशिएंसी

Agrograde ने सुपारी की प्रोसेसिंग के लिए एक नई AI-पावर्ड सॉर्टिंग मशीन लॉन्च की है। यह मशीन **89%** सटीकता के साथ प्रति घंटे **1 टन** सुपारी को प्रोसेस कर सकती है, जिससे लेबर पर निर्भरता कम होगी।

नई टेक्नोलॉजी और काम करने का तरीका

Agrograde ने अपनी पहली कमर्शियल यूनिट मंगलुरु स्थित Vikas Traders में स्थापित की है। यह तकनीक अब परंपरागत, लेबर-इंटेंसिव तरीकों की जगह ले रही है। पुराने तरीकों में जहाँ 15 मजदूरों को दिनभर में 40 से 45 बैग संभालने पड़ते थे, वहीं अब यह मशीन अकेले ही तेजी से काम निपटा रही है।

कैसे काम करती है यह AI मशीन?

यह मशीन सामान्य कलर-सॉर्टर से बिल्कुल अलग है। यह कंप्यूटर विजन का इस्तेमाल कर सुपारी के फिजिकल डिफेक्ट्स को पहचानती है। मशीन हर सुपारी की 10 से ज्यादा तस्वीरें चंद मिलीसेकंड में कैप्चर करती है। शुरुआत में इसकी सटीकता 75% थी, जिसे अब कंपनी ने बढ़ाकर 89% कर दिया है। जैसे-जैसे मशीन ज्यादा डेटा प्रोसेस करेगी, इसकी सटीकता और भी बढ़ने की उम्मीद है।

सप्लाई चेन में सुधार

सुपारी इंडस्ट्री में लंबे समय से क्वालिटी को लेकर एकरूपता की कमी थी, जिससे बल्क ट्रेडिंग में दिक्कत आती थी। अब यह मशीन हर लॉट की साइज और डिफेक्ट्स पर डेटा-ड्रिवन रिपोर्ट भी देती है, जिससे व्यापारियों को अपनी इन्वेंट्री की क्वालिटी समझने में काफी आसानी होगी। यह भारतीय एग्री-टेक स्पेस में विदेशी हार्डवेयर के बजाय घरेलू AI समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.