Agriculture Policy: ड्राईलैंड फार्मिंग पर सरकार का बड़ा जोर, बदल सकती है खेती की तस्वीर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Agriculture Policy: ड्राईलैंड फार्मिंग पर सरकार का बड़ा जोर, बदल सकती है खेती की तस्वीर

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बाजरा (Millets) और दलहन जैसी ड्राईलैंड फसलों पर शिफ्ट होने का संकेत दिया है। इस बदलाव से भविष्य की कृषि नीतियों, सरकारी खरीद और क्लाइमेट-रेजिलिएंट इनपुट्स की डिमांड पर बड़ा असर पड़ सकता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में आयोजित 'ग्लोबल ड्राईलैंड कांग्रेस 2026' में भारत की कृषि प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव का संकेत दिया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि हालांकि सिंचाई के विस्तार से उत्पादन तो बढ़ा है, लेकिन किसानों का रुझान धान और गेहूं जैसी ज्यादा पानी सोखने वाली फसलों की तरफ बढ़ गया है, जो लंबी अवधि में पर्यावरण के लिए चुनौती बन रहा है।

पानी बचाने की रणनीति और चुनौतियां

भारत का लगभग 65% कृषि क्षेत्र बारिश पर निर्भर है। सरकार अब ऐसी नीतियों पर काम कर रही है जिससे बाजरा, दालें और तिलहन जैसी फसलों को आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके। इसका उद्देश्य किसानों को केवल इन फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित करना नहीं है, बल्कि उन्हें मार्केट एक्सेस और वैज्ञानिक मदद मुहैया कराना भी है, ताकि वे इसे धान-गेहूं का एक बेहतर विकल्प मान सकें।

एग्री-सेक्टर पर असर (Impact on Industry)

इस नीतिगत बदलाव के बड़े आर्थिक मायने हैं:

  • सीड कंपनियां: अब ऐसी किस्मों की मांग बढ़ेगी जो कम पानी में ज्यादा पैदावार दे सकें।
  • एग्री-टेक: प्रेसिजन फार्मिंग और बारिश पर आधारित खेती के लिए नए तकनीकी टूल्स के लिए बाजार खुलेंगे।
  • फूड प्रोसेसिंग: दालों और मोटे अनाजों की वैल्यू चेन से जुड़ी कंपनियों को सरकारी प्रोत्साहन मिल सकता है।

असली पेच: MSP और प्रोक्योरमेंट

सबसे बड़ी चुनौती यह है कि धान और गेहूं की तरह दलहन और मोटे अनाजों के लिए अब तक कोई मजबूत सरकारी खरीद (Procurement) सिस्टम नहीं है। किसानों को अभी भी इन पारंपरिक अनाजों के लिए MSP (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) का सुरक्षा कवच मिलता है, जो ड्राईलैंड फसलों के मामले में उतना पुख्ता नहीं है। बिना मुनाफे की गारंटी के किसानों को नई फसल चक्र (Crop Rotation) पर लाना सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.