Agri-Tech Push: शिवराज सिंह चौहान का कंपनियों को कड़ा संदेश, खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Agri-Tech Push: शिवराज सिंह चौहान का कंपनियों को कड़ा संदेश, खेती की तस्वीर बदलने की तैयारी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉर्पोरेट जगत से एग्री-टेक और सस्टेनेबल फार्मिंग में बड़े निवेश की मांग की है। सरकार का मकसद केमिकल फर्टिलाइजर्स पर निर्भरता कम करना और सप्लाई चेन में सुधार कर किसानों की कमाई बढ़ाना है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत के कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया है। मंत्री ने साफ कहा है कि अब कंपनियों को केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित न रहकर एग्री-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और सस्टेनेबल फार्मिंग में सीधे निवेश करना होगा ताकि फूड सिक्योरिटी और किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके।\n\n### लैब से खेत तक का सफर\n\nसरकार की रणनीति 'लैब टू लैंड' कॉन्सेप्ट पर आधारित है। इसके लिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (ICAR) और प्राइवेट कंपनियों के बीच मजबूत पार्टनरशिप तैयार की जा रही है। मंत्री ने सुझाव दिया है कि कंपनियां अपने CSR फंड का इस्तेमाल ग्रासरूट लेवल पर क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर और संतुलित फसल पोषण के लिए करें।\n\n### केमिकल फर्टिलाइजर की घटेगी जरूरत\n\nइस बड़े बदलाव का एक मुख्य हिस्सा केमिकल फर्टिलाइजर पर निर्भरता कम करना है। सरकार जापान जैसे देशों के साथ मिलकर छोटे किसानों तक सस्ती और आधुनिक मशीनरी व डिजिटल टूल्स पहुंचाने की कोशिश कर रही है।\n\n### सप्लाई चेन में होगा बड़ा फेरबदल\n\nसरकार का ध्यान सीधे फार्म-टू-मार्केट चैनल बनाने पर है ताकि बीच के बिचौलियों को खत्म किया जा सके। अभी फार्म-गेट प्राइस और रिटेल कीमतों में जो बड़ा अंतर है, उसे पाटने के लिए सरकार एक इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन बनाना चाहती है।\n\n### निवेशकों के लिए संकेत\n\nनिवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो प्रिसिजन फार्मिंग, ऑर्गेनिक न्यूट्रिएंट्स और डिजिटल सप्लाई चेन की तरफ शिफ्ट हो रही हैं। वहीं, जो कंपनियां पुरानी और इनएफिशिएंट इंटरमीडियरी मॉडल पर टिकी हैं, उनके लिए आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। निवेशकों को यह देखना होगा कि कैसे ये पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप स्केलेबल बिजनेस मॉडल में तब्दील होती हैं।

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