ड्रोन बनाने वाली कंपनी ideaForge Technology ने Survey of India के साथ एक अहम करार किया है। कंपनी अब अपने Q6 V2 ड्रोन की सप्लाई करेगी, जो जियोस्पेशियल मैपिंग के काम आएंगे।
मैपिंग में आएगी तेजी
Survey of India अब बड़े पैमाने पर मैपिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए ideaForge के Q6 V2 ड्रोन का इस्तेमाल करेगा। यह ड्रोन वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL) सिस्टम से लैस है और 10 मिनट से भी कम समय में तैनाती के लिए तैयार हो जाता है। सरकारी एजेंसियों के लिए यह स्वदेशी तकनीक अब पुराने और धीमे मैपिंग तरीकों का एक बेहतर विकल्प बन गई है।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
कंपनी ने हाल ही में ₹500 करोड़ का फंड QIP के जरिए जुटाया है, ताकि ऑर्डर्स को पूरा किया जा सके और कर्ज कम हो। इसके अलावा, Technology Development Board से ₹151 करोड़ का लोन भी 4% की दर पर लिया गया है, जो 'YETI' लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट के लिए है। हालांकि, Q1 FY27 के आंकड़ों पर नजर डालें तो रेवेन्यू ₹68.6 करोड़ रहा, लेकिन कंपनी को नेट लॉस का सामना करना पड़ा है।
निवेशकों के लिए चिंता के बिंदु
ऑर्डर मिलने की खबर अच्छी है, लेकिन निवेशक कुछ अहम मोर्चों पर सतर्क हैं:
- कैश फ्लो: कंपनी के 'डेटर डेज' (Debtor Days) 204 दिन तक पहुंच गए हैं, यानी सरकारी क्लाइंट्स से पेमेंट आने में लंबा समय लग रहा है।
- प्रमोटर होल्डिंग: प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 25.3% है, जो काफी कम है। साथ ही, होल-टाइम डायरेक्टर अंकित मेहता ने 2,80,000 शेयर गिरवी (Pledge) रखे हैं।
अब बाजार की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपने बड़े ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदल पाती है या कैश फ्लो की समस्या इसी तरह बनी रहती है।
