Financial year 2025-26 ideaForge Technology Limited के लिए अहम रहा। कंपनी ने पिछ्ले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के ₹161.22 करोड़ के रेवेन्यू की तुलना में इस बार ₹226.13 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। साथ ही, पिछले साल के नुकसान से उबरकर कंपनी Q4 में ₹59.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाने में सफल रही।
डिफेंस का दबदबा
इस जबरदस्त ग्रोथ की मुख्य वजह डिफेंस सेक्टर रहा, जिसने FY26 के रेवेन्यू में 69% का बड़ा योगदान दिया। पिछले साल यह आंकड़ा सिर्फ 31% था। Q4 में तो डिफेंस का योगदान 86% तक पहुंच गया। डिफेंस ऑर्डर और बेहतर कॉस्ट एफिशिएंसी के चलते कंपनी के ग्रॉस मार्जिन 58% तक पहुंच गए, जो पिछले साल 33% थे। कंपनी का EBITDA भी ₹27.12 करोड़ पॉजिटिव रहा, जबकि FY25 में यह ₹31.53 करोड़ का लॉस था। मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹314.2 करोड़ का था, जिसमें साल भर में ₹530 करोड़ के नए ऑर्डर मिले।
कैश फ्लो और बैलेंस शीट पर दबाव
हालांकि, अच्छी कमाई और पॉजिटिव EBITDA के बावजूद, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो FY26 में ₹63.4 करोड़ नेगेटिव रहा। ऐसा वर्किंग कैपिटल में हुई बढ़ोतरी, जैसे इन्वेंटरी और रिसीवेबल्स (देय राशि) के बढ़ने के कारण हुआ, जिससे कैश फंस गया। फाइनेंसिंग से ₹61 करोड़ की रकम आई, लेकिन कंपनी की बैलेंस शीट पर कुल एसेट्स बढ़कर ₹798.7 करोड़ हो गए। इसमें इनटैंगिबल एसेट्स, इन्वेंटरी और रिसीवेबल्स का बड़ा हिस्सा था। वहीं, टोटल लायबिलिटीज़, खासकर करंट लायबिलिटीज़ और बोरिंग्स (कर्ज) में भी इजाफा हुआ, जबकि इक्विटी में मामूली कमी आई। यह स्थिति लिक्विडिटी (नकदी) की संभावित दिक्कतों और फाइनेंसिंग पर निर्भरता को दर्शाती है।
मार्केट पोजिशन और कॉम्पिटिशन
ideaForge भारत के UAV (मानव रहित हवाई वाहन) मार्केट में 50% की हिस्सेदारी के साथ लीडर है और अपने डुअल-यूज़ ड्रोन के लिए जानी जाती है। कंपनी कॉम्बैट ड्रोन सिस्टम में भी विस्तार कर रही है और US मार्केट में पहला ऑर्डर हासिल करने के साथ नए पार्टनरशिप भी की हैं। हालांकि, ड्रोन और डिफेंस टेक्नोलॉजी सेक्टर में Bharat Electronics, Hindustan Aeronautics, Bharat Dynamics और Data Patterns जैसी बड़ी कंपनियों से कड़ा मुकाबला है।
एनालिस्ट्स की चिंताएं
वित्तीय सेहत को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। एनालिस्ट्स की आम राय 'Sell' रेटिंग की ओर झुकी हुई है, और उनके प्राइस टारगेट मौजूदा ट्रेडिंग लेवल से काफी नीचे हैं। स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो अभी भी नेगेटिव है, और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) भी नेगेटिव हैं, जो कैपिटल के अकुशल इस्तेमाल का संकेत देते हैं। Crisil Ratings ने नवंबर 2025 में ideaForge के आउटलुक को 'Stable' से 'Negative' कर दिया था, जिसका कारण H1FY26 में उम्मीद से कम रेवेन्यू और ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलने में आने वाली चुनौतियां थीं। कंपनी का सरकारी ऑर्डर्स पर निर्भर रहना और टेंडर-बेस्ड मॉडल भी जोखिम भरा है।
सेक्टर ग्रोथ और भविष्य
भारतीय डिफेंस सेक्टर भू-राजनीतिक तनाव और स्वदेशी खरीद के सरकारी समर्थन से लाभान्वित हो रहा है। भारतीय मिलिट्री ड्रोन मार्केट में 2033 तक लगभग $5 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। ideaForge की इस बढ़ते बाजार में मजबूत स्थिति, खासकर डिफेंस रेवेन्यू मिक्स, इन पॉजिटिव मैक्रो ट्रेंड्स के साथ मेल खाती है। अगले तीन सालों के लिए एनालिस्ट्स 49% CAGR के हिसाब से मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ की भविष्यवाणी कर रहे हैं। हालांकि, लगातार नेगेटिव P/E और ROE, साथ ही 'Negative' रेटिंग आउटलुक, यह बताता है कि FY26 का टर्नअराउंड तुरंत निवेशक का भरोसा नहीं बढ़ा पाएगा। कंपनी के लिए अपनी बड़ी ऑर्डर बुक को कुशलता से रेवेन्यू में बदलना, वर्किंग कैपिटल का प्रबंधन करना और खास तौर पर नए कॉम्बैट ड्रोन और US बाजारों में प्रतिस्पर्धा से निपटना, टिकाऊ ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगा।
