Zuppa Geo Navigation Technologies और Tamil Nadu Unmanned Aerial Vehicles Corporation (TNUAVC) ने मिलकर 2,000 भारतीय सेना के अग्निवीरों को ड्रोन ऑपरेशंस के लिए तैयार करने का निर्णय लिया है।
ट्रेनिंग का पूरा खाका
यह महत्वाकांक्षी ट्रेनिंग प्रोग्राम अक्टूबर 2026 से नीलगिरी के वेलिंगटन स्थित मद्रास रेजिमेंटल सेंटर में शुरू होगा। अगले तीन वर्षों में 2,000 सैन्य कर्मियों को ड्रोन उड़ाने और उनके मेंटेनेंस में एक्सपर्ट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रति वर्ष 1,000 सैनिकों को प्रशिक्षित करने के लिए 4-सप्ताह का विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसमें ड्रोन फ्लाइट सिमुलेशन, रोटरक्राफ्ट डायनेमिक्स, एयरोडायनामिक्स और रिस्क असेसमेंट जैसे एडवांस विषय शामिल हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी
इस साझेदारी के तहत भारतीय सेना के विभिन्न रेजिमेंटल सेंटर्स में स्वदेशी 'ड्रोन लैब्स' स्थापित की जाएंगी। ये लैब्स छोटे और माइक्रो-कैटेगरी के ड्रोन, हाई-टेक मिशन सिमुलेटर्स और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम से लैस होंगी। यह कदम न केवल रक्षा क्षेत्र में तकनीकी दक्षता बढ़ाएगा, बल्कि स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को भी मजबूती देगा।
भविष्य की राह
यह पहल सेना के आधुनिकीकरण के लिहाज से बेहद अहम है। प्रशिक्षित अग्निवीर भविष्य में केवल मिलिट्री ऑपरेशंस ही नहीं, बल्कि कृषि, लॉजिस्टिक्स और सर्विलांस जैसे कमर्शियल सेक्टर में भी अपनी सेवाएं दे सकेंगे। सरकारी प्रोत्साहनों के बीच, Zuppa जैसी कंपनियों के लिए यह अपनी तकनीक के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक बड़ा जरिया साबित हो सकता है।
