चेन्नई स्थित ड्रोन स्टार्टअप Zuppa Geo Navigation Technologies अपने डिफेंस ड्रोन रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को विस्तार देने के लिए **$1 करोड़ (लगभग 83 करोड़ रुपये)** जुटाने की योजना बना रही है।
चेन्नई बेस्ड Zuppa Geo Navigation Technologies अब अपने तकनीकी और इंजीनियरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए नई इक्विटी जुटाने की चर्चाओं में है। कंपनी का मुख्य इरादा एक डेडिकेटेड इनोवेशन सेंटर स्थापित करना है, जो रैपिड प्रोटोटाइपिंग और ऑटोपायलट सिस्टम्स को अपग्रेड करने पर फोकस करेगा। कंपनी पहले ही भारतीय सेना को 'अजीत' (Ajeet) सीरीज के 500 ड्रोन सप्लाई कर अपनी मजबूत पैठ बना चुकी है।
ग्लोबल मार्केट और भारत की बढ़ती धमक
कंपनी की नजर सिर्फ भारतीय बाजार पर ही नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट, नॉर्थ अफ्रीका और यूरोप पर भी है। ग्लोबल मार्केट में चीनी पुर्जों से दूरी बनाने की होड़ ने भारतीय डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के लिए बड़े मौके खोल दिए हैं। भारत सरकार की ओर से डिफेंस बजट में बढ़ोतरी और इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट के चलते घरेलू कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है।
रेवेन्यू टारगेट और चुनौतियां
Zuppa ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए रेवेन्यू का लक्ष्य ₹70-80 करोड़ रखा है, जो पिछले साल महज ₹8 करोड़ था। इस लक्ष्य को पाने के लिए कंपनी अब इंटरसेप्टर ड्रोन (Loitering Munitions) की ओर भी कदम बढ़ा रही है। लागत घटाने के लिए कंपनी पारंपरिक कंपोजिट की जगह इंडस्ट्रियल प्लास्टिक पाइप्स के उपयोग जैसे नए प्रयोग कर रही है।
हालांकि, डिफेंस सेक्टर में काम करना जोखिम भरा भी है। डिफेंस प्रोक्योरमेंट में बजट एलोकेशन, लंबी टेस्टिंग प्रक्रिया और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स जैसे कई मोर्चे होते हैं। साथ ही, इस सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन को बनाए रखने की कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। निवेशकों के लिए कंपनी की फंडिंग क्लोजिंग, इनोवेशन सेंटर की प्रगति और ऑर्डर फ्लो पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
