Yaanendriya Funding News: डिफेंस टेक स्टार्टअप Yaanendriya को मिले ₹15 करोड़

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AuthorAditya Rao|Published at:
Yaanendriya Funding News: डिफेंस टेक स्टार्टअप Yaanendriya को मिले ₹15 करोड़

बेंगलुरु की डीप-टेक स्टार्टअप Yaanendriya ने ₹15 करोड़ की सीड फंडिंग (Seed Funding) हासिल कर ली है। इस फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने डिफेंस और स्पेस प्रोडक्ट्स को कमर्शियलाइज़ (commercialize) करने के लिए करेगी।

Detailed Coverage

डिफेंस और स्पेस में Yaanendriya की बढ़त

बेंगलुरु की डीप-टेक स्टार्टअप Yaanendriya ने वेंचर कैपिटल फर्म Piper Serica के नेतृत्व में ₹15 करोड़ की सीड फंडिंग (Seed Funding) सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। 2023 में Vamshi Bharadwaj M V, Vyshak Y, Vijay H P, और Aravind Thumbur द्वारा स्थापित यह कंपनी एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर के लिए खास हार्डवेयर, जैसे इनर्शियल मेजरमेंट यूनिट्स (IMUs), GNSS मॉड्यूल्स और वायरलेस इनपुट-आउटपुट सिस्टम्स (wireless input-output systems) के डेवलपमेंट पर फोकस कर रही है।

कमर्शियल ऑपरेशन्स और R&D को मिलेगी रफ्तार

इस नई फंडिंग का मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप को पायलट फेज (pilot phase) से निकालकर फुल-स्केल कमर्शियल ऑपरेशन्स (commercial operations) की ओर ले जाना है। कंपनी ने पिछली तिमाही में ₹48 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया था और FY27 तक लगभग ₹5.4 करोड़ का इंटरनल रेवेन्यू टारगेट रखा है। इस ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, फंड का एक बड़ा हिस्सा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में लगाया जाएगा, खासकर सैटेलाइट और स्पेस से जुड़े एडवांस्ड सेंसर्स (advanced sensors) को डेवलप करने पर जोर दिया जाएगा।

कस्टमर वैलिडेशन और बड़ी डील

पिछले एक साल में Yaanendriya ने मास प्रोडक्शन (mass production) के बजाय मार्केट वैलिडेशन (market validation) पर ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने के लिए 10-12 अलग-अलग सेक्टर्स में 20 से अधिक कस्टमर्स के साथ काम किया है। इस स्ट्रेटेजी का एक अहम हिस्सा भारतीय सेना की 515 आर्मी बेस वर्कशॉप (Bengaluru) के साथ हुई मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoUs) है, जिसके तहत अनमैन्ड व्हीकल्स (unmanned vehicles) के लिए सेंसर्स और कंपोनेंट्स की सप्लाई की जाएगी। इसके अलावा, कंपनी ने डिफेंस सेक्टर की एक बड़ी सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ 10 से अधिक MoUs किए हैं।

भविष्य की योजनाएं और ऑर्डर बुक

अपने बिजनेस प्लान के अगले चरण में, कंपनी का फोकस इन पायलट प्रोजेक्ट्स को बड़े, मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट्स (multi-year contracts) में बदलना होगा। Yaanendriya के पास फिलहाल लगभग ₹1.5 करोड़ का अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर बुक (unexecuted order book) है। इस एक्सपेंशन प्लान की सफलता काफी हद तक स्टार्टअप की इन शुरुआती ऑर्डर्स को सफलतापूर्वक डिलीवर करने की क्षमता पर निर्भर करेगी, साथ ही हाई-रेगुलेटेड डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर्स की क्वालिटी स्टैंडर्ड्स (quality standards) को बनाए रखना भी जरूरी होगा। इन्वेस्टर्स और स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) कंपनी की ऑर्डर बुक को बढ़ाने और आने वाले फिस्कल ईयर (fiscal year) में हायर प्रोडक्शन वॉल्यूम्स (production volumes) की ओर बढ़ते हुए कॉस्ट्स (costs) को मैनेज करने की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.