रेवेन्यू और मुनाफे में आई भारी गिरावट
Unimech Aerospace and Manufacturing Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) में अपने प्रदर्शन से निवेशकों को निराश किया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹33.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि (Q3 FY2025) के ₹53.9 करोड़ की तुलना में 37% की भारी गिरावट दर्शाता है। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब रेवेन्यू में गिरावट देखी गई है; पिछली तिमाही (Q2 FY2026) के मुकाबले भी यह 45.6% घटकर ₹62.0 करोड़ रहा। यह पिछले दो सालों में कंपनी का सबसे निचला तिमाही रेवेन्यू है।
मुनाफे पर तो और भी बुरा असर पड़ा है। Q3 FY2026 में नेट प्रॉफिट (Net Profit) घटकर महज़ ₹2.4 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹15.6 करोड़ से 84.7% कम है। पिछली तिमाही (Q2 FY2026) के ₹15.8 करोड़ से भी यह 84.3% नीचे है। ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating Profit Margin) भी गिरकर 4.6% पर आ गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 29.1% था। हालांकि, ग्रॉस मार्जिन (Gross Margin) 71% पर स्थिर रहा, लेकिन कम रेवेन्यू के चलते यह ऑपरेटिंग प्रॉफिट में तब्दील नहीं हो पाया। कंपनी की वर्किंग कैपिटल (Working Capital) की ज़रूरतें भी बढ़ी हैं, बैंक लिमिट का इस्तेमाल ₹70 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछली तिमाही में ₹60 करोड़ था।
उम्मीदों का नया सवेरा: सऊदी JV और टैरिफ में राहत
तिमाही के निराशाजनक नतीजों के बावजूद, कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर आशावादी है। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ (Tariffs) बताए जा रहे हैं, जिन्हें अब 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे कस्टमर का भरोसा बढ़ेगा और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए सऊदी अरब की जानी-मानी Yusuf Bin Ahmed Kanoo Group के साथ 51% हिस्सेदारी वाला एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) बनाया है। यह वेंचर सऊदी अरब के ऑयल एंड गैस, एनर्जी और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर में पैठ बनाने की कोशिश करेगा और 'विजन 2030' के तहत काम करेगा। उम्मीद है कि अगले पांच सालों में यह वेंचर $30 मिलियन का रेवेन्यू और 35% का EBITDA मार्जिन हासिल करेगा।
इसके अलावा, कंपनी अपनी फ्री ट्रेड वेयरहाउसिंग ज़ोन (FTWZ) सुविधा को भी अंतिम रूप दे रही है, जिसके मिलने के बाद कस्टमर्स ड्यूटी-फ्री इन्वेंटरी रख सकेंगे, जिससे डिलीवरी टाइम कम होगा।
रिकॉर्ड ऑर्डर बुक और बदले हुए लक्ष्य
तीसरी तिमाही में कंपनी ने रिकॉर्ड स्तर पर नए ऑर्डर हासिल किए हैं, जिससे ऑर्डर बुक ₹210 करोड़ (12 फरवरी 2026 तक) तक पहुंच गई है, जो पिछले बुकिंग स्तर से दोगुनी है। इसमें ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट के लिए ₹35 करोड़ और न्यूक्लियर बिज़नेस के लिए ₹68 करोड़ के ऑर्डर शामिल हैं।
इन सबके बीच, कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2026 के रेवेन्यू लक्ष्य को कम कर दिया है। अब कंपनी को पिछले साल के ₹240 करोड़ के रेवेन्यू को पार करने की उम्मीद है, जो पहले ₹300 करोड़ के आसपास रहने का अनुमान था। मैनेजमेंट को फाइनेंशियल ईयर 2027 में ग्रोथ और प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है।
रणनीति के तहत, Unimech अपने रेवेन्यू में प्रिसिजन कंपोनेंट्स (Precision Components) की हिस्सेदारी को बढ़ाकर FY2029 तक 35-40% (अभी लगभग 23%) करना चाहता है। साथ ही, एक्सपोर्ट-डोमेस्टिक रेशियो को अगले तीन सालों में 95:5 से बदलकर 80:20 करने का लक्ष्य है। अमेरिका पर निर्भरता कम करना भी एक प्रमुख लक्ष्य है।
भविष्य की राह
मैनेजमेंट को चौथी तिमाही (Q4 FY2026) में धीरे-धीरे रिकवरी की उम्मीद है। FTWZ का संचालन और सऊदी अरब में नया JV कंपनी के लिए विकास के नए रास्ते खोल सकते हैं। निवेशक इस बात पर बारीकी से नज़र रखेंगे कि कंपनी बदलते वैश्विक व्यापार माहौल और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी ग्रोथ को कैसे बनाए रखती है।
