Unimech Aerospace Share Price: 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा शेयर, Q1 में 46% बढ़ा मुनाफा!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Unimech Aerospace Share Price: 13 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचा शेयर, Q1 में 46% बढ़ा मुनाफा!

Unimech Aerospace के शेयर आज **13 महीने** के उच्चतम स्तर **₹1,375** पर पहुंच गए। कंपनी ने Q1FY27 के नतीजे जारी किए, जिसमें **71%** रेवेन्यू ग्रोथ के साथ **₹107.6 करोड़** का आंकड़ा छुआ। साथ ही, कंपनी **₹750 करोड़** जुटाने की योजना भी बना रही है।

Unimech Aerospace के तिमाही नतीजे

Unimech Aerospace and Manufacturing के शेयर मंगलवार को 9% उछलकर ₹1,375 के 13 महीने के शिखर पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी द्वारा जून 2026 में समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों के ऐलान के बाद आई है। इन नतीजों में कंपनी ने अपने प्रमुख बिजनेस सेगमेंट में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है।

Q1 में कैसा रहा प्रदर्शन?

वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में Unimech का रेवेन्यू ₹107.6 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 70.9% ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट 45.7% बढ़कर ₹27.9 करोड़ हो गया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 98.3% बढ़कर ₹39.3 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि, ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल की तुलना में 510 बेसिस पॉइंट सुधरकर 36.5% रहा, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 658 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई।

ऑर्डर बुक और विस्तार की योजना

जून 2026 तक Unimech के पास ₹280 करोड़ का ऑर्डर बुक था, जो भविष्य के रेवेन्यू की झलक देता है। कंपनी की ग्रोथ को उसके प्रेसिजन इंजीनियरिंग प्रोग्राम्स और Hobel Bellows के अधिग्रहण का भी सहारा मिला है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि जैसे-जैसे क्वालिफिकेशन प्रोग्राम्स सीरियल प्रोडक्शन में बदलेंगे, कंपनी अपनी मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का ज्यादा इस्तेमाल कर पाएगी।

इस विस्तार योजना को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ने Qualified Institutional Placement (QIP) के जरिए ₹750 करोड़ तक की राशि जुटाने की मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल ग्रोथ पहलों को फाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।

बाजार का नजरिया

मार्च 2026 में अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर से Unimech के शेयर 98% बढ़ चुके हैं। जुलाई 2026 में Motilal Oswal Financial Services द्वारा कवरेज शुरू करने के बाद से स्टॉक पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी ऑपरेशन को बढ़ाते हुए मार्जिन पर कैसे नियंत्रण रखती है, अपने ऑर्डर बुक को कितनी तेजी से रेवेन्यू में बदल पाती है, और प्रस्तावित ₹750 करोड़ के फंडरेज का कंपनी की बैलेंस शीट पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.