US Navy के एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को 'Operation Epic Fury' में वीरता के लिए प्रेसिडेंशियल यूनिट साइटेशन मिला है। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह कोई शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनी नहीं है, बल्कि एक अमेरिकी सैन्य संपत्ति है।
मिशन की बड़ी उपलब्धियां
USS Abraham Lincoln (CVN-72) ने समुद्र में 265 दिनों के रिकॉर्ड तोड़ तैनाती को पूरा किया है। इस दौरान एयर विंग ने 3,693 कॉम्बैट सॉर्टियां पूरी कीं और करीब 13.7 लाख पाउंड आयुध का इस्तेमाल किया। मिशन की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्ट्राइक ग्रुप ने 450 टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को तैनात किया, 77 ड्रोन्स को नष्ट किया और 64 ईरानी युद्धपोतों को डुबोने में अहम भूमिका निभाई।
चुनौतियां और रसद (Logistics) का दबाव
इतने लंबे समय तक लगातार ऑपरेशन चलाने के कारण लॉजिस्टिक और मानवीय चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। 6,000 कर्मियों वाले इस क्रू को आपूर्ति में कमी और मानसिक तनाव जैसी मुश्किलों से जूझना पड़ा। अब सैन डिएगो स्थित होम पोर्ट पर लौटने के बाद, इस विशाल पोत के रखरखाव (Maintenance) पर भारी खर्च की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए स्पष्टीकरण
भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह समझना अनिवार्य है कि USS Abraham Lincoln कोई सार्वजनिक रूप से ट्रेड होने वाली कंपनी नहीं है। हालांकि डिफेंस सेक्टर का प्रदर्शन ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल हालातों पर निर्भर करता है, लेकिन इसे किसी लिस्टेड फार्मा या इंडस्ट्रियल कंपनी से न जोड़ें। यह खबर केवल रक्षा बजट और सैन्य हार्डवेयर की बढ़ती मांग के संकेत के रूप में देखी जानी चाहिए।
