Thales और Bharat Forge की बड़ी डील: भारत में बनेंगे **70-mm रॉकेट**, डिफेंस सेक्टर में बड़ा धमाका

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AuthorNeha Patil|Published at:
Thales और Bharat Forge की बड़ी डील: भारत में बनेंगे **70-mm रॉकेट**, डिफेंस सेक्टर में बड़ा धमाका

डिफेंस सेक्टर के लिए बड़ी खबर है! Thales ने Bharat Forge की सब्सिडियरी Kalyani Strategic Systems (KSSL) के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी के तहत भारत में **70-mm रॉकेट** का निर्माण किया जाएगा, जिसका लक्ष्य साल **2027** की शुरुआत तक पहला स्वदेशी रॉकेट तैयार करना है।

आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम

3 सितंबर 2026 को साइन हुए इस समझौते के तहत अब भारत में 70-mm रॉकेट सिस्टम के अनगाइडेड (unguided) और लेजर-गाइडेड (laser-guided) दोनों वेरिएंट्स का निर्माण होगा। यह डील न केवल विदेशी निर्भरता को कम करेगी, बल्कि भारत की रक्षा तकनीकी क्षमताओं को भी मजबूती देगी।

प्रोडक्शन का खाका

KSSL अपनी आंध्र प्रदेश स्थित मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उपयोग इन रॉकेटों को असेंबल और टेस्ट करने के लिए करेगा। Thales के ग्लोबल सप्लायर्स से कंपोनेंट्स मंगवाकर उन्हें भारत में इंटीग्रेट किया जाएगा। 2027 की शुरुआत तक पहले 'मेड इन इंडिया' रॉकेट को रोल आउट करने का लक्ष्य रखा गया है।

डिफेंस में Bharat Forge का दबदबा

यह रॉकेट फिलहाल भारतीय सेना के एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर जैसे प्लेटफार्मों के साथ पूरी तरह से कंपैटिबल हैं। इतना ही नहीं, इन्हें मॉडर्न काउंटर-ड्रोन सॉल्यूशंस के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।

इसी दिन KSSL ने FN Herstal के साथ भी एक MoU साइन किया है, जो स्मॉल आर्म्स और काउंटर-UAS सिस्टम पर केंद्रित है। यह साफ दिखाता है कि कंपनी अपने डिफेंस पोर्टफोलियो को आक्रामक रूप से बढ़ा रही है।

निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता

हालांकि यह प्रोजेक्ट भविष्य के लिए शानदार है, लेकिन निवेशकों को इसके एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी चाहिए। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, सरकारी मंजूरी और ग्लोबल बेंचमार्क के मुकाबले लागत को कंट्रोल करना इस प्रोजेक्ट की बड़ी चुनौतियां होंगी। निवेशकों को कंपनी की फैसिलिटी की तैयारी और नए कॉन्ट्रैक्ट विन्स पर लगातार नज़र बनाए रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.